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Bettiah Vidhan Sabha Chunav 2025: एनडीए की वापसी के रास्ते में निर्दलीय अटका रहे रोड़े!

Updated at : 09 Nov 2025 5:15 AM (IST)
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Bettiah Vidhan Sabha Bihar Election 2025

बेतिया शहर का कचहरी परिसर. फोटो : प्रभात खबर

Bettiah Vidhan Sabha: लौरिया, सिकटा में पूर्व मंत्रियों वाली सीटें हैं. बेतिया और सिकटा में निर्दलीय उम्मीदवार भी कड़ी चुनौती दे रहे हैं और संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं. इन सीटों पर जनसुराज के उम्मीदवार भी दमखम दिखा रहे हैं. जबकि लौरिया में हर बार के मुकाबले अबकी आरपार की लड़ाई दिख रही है.

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Bettiah Vidhan Sabha Chunav Ground Report| बेतिया, गणेश : पश्चिम चंपारण के राज कचहरी परिसर के सामने सजने वाली मजदूरों की मंडी में और दिनों से कम गहमागहमी है. लेकिन, सभी दिहाड़ी की तलाश में आये हैं. चुनाव को लेकर सभी की राय जुदा है. तुरहापट्टी के लक्ष्मण पटेल कहते हैं अबकी तो परिर्वतन होगा, जबकि लालगढ़ के दिनेश महतो अपना भरोसा नीतीश पर ही जताते हैं.

वोटर बोले- पार्टियों से मतलब नहीं, उम्मीदवार को देंगे वोट

संतघाट के इरफान का कहना है कि इस बार उन्हें पार्टियों से कोई मतलब नहीं है, वे स्थानीय उम्मीदवार को अपना वोट देंगे. लक्ष्मण, दिनेश और इरफान की इन बातों में ही पश्चिम चंपारण की पूरी सियासी लड़ाई छिपी है. वैसे तो जिले की सभी नौ सीटों पर लड़ाई कांटे की है. लेकिन एनडीए का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में फिलहाल महागठबंधन खासकर कांग्रेस अपने पुराने वजूद को लौटाने की जद्दोजहद में जुटी है.

Bettiah Vidhan Sabha Chunav: कांग्रेस को पुराने दिन लौटने की उम्मीद

यह लाजिमी भी है, क्योंकि यहां 6 सीटों पर कांग्रेस और 3 सीटों पर राजद व वीआइपी के उम्मीदवार हैं. कांग्रेस को यहां 1990 के पहले वाले यानि पुराने दिनों के लौटने की आस है. जबकि एनडीए पिछली बार की तरह इस बार भी परिणाम दोहराने की जुगत में हैं. जबकि कुछ सीटों पर निर्दलीय भी कड़ी चुनौती दे रहे हैं.

बेतिया : भाजपा के बागी प्रत्याशी ने पूर्व डिप्टी सीएम की बढ़ायी परेशानी

पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी की सीट बेतिया में इस बार वोटों के बिखराव का खतरा बढ़ गया है. भाजपा प्रचार कोर कमेटी की मेंबर सह नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया के पति रोहित सिकारिया निर्दलीय मैदान में हैं. कांग्रेस ने यहां से नये चेहरे वसी अहमद को उतारा है. ऐसे में भाजपा के वोटों के बिखराव का खतरा बढ़ गया है. हालांकि भाजपा के स्थानीय से लेकर प्रदेश तक के नेता यहां डेरा जमाये हुए हैं और वोटों को सहेजने में जुटे हैं.

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लौरिया, सिकटा, चनपटिया व नौतन में लड़ाई दिलचस्प

लौरिया, सिकटा में पूर्व मंत्रियों वाली सीटें हैं. बेतिया और सिकटा में निर्दलीय उम्मीदवार भी कड़ी चुनौती दे रहे हैं और संघर्ष को त्रिकोणीय बनाने में जुटे हैं. इन सीटों पर जनसुराज के उम्मीदवार भी दमखम दिखा रहे हैं. जबकि लौरिया में हर बार के मुकाबले अबकी आरपार की लड़ाई दिख रही है. वहीं, चनपटिया, नौतन और नरकटियागंज सीट पर भी लड़ाई दिलचस्प मानी जा रही है. कारण कि चनपटिया और नौतन में एनडीए व महागठबंधन के बीच आरपार की लड़ाई को जनसुराज त्रिकोणीय बनाने के लिए संघर्ष करती दिख रही है.

नटकटियागंज : कांग्रेस व राजद में फ्रेंडली फाइट

नरकटियागंज में राजद और कांग्रेस के बीच दोस्ताना लड़ाई से महागठबंधन के वोटों के बीच बिखराव का खतरा बढ़ गया है. शेष वाल्मीकिनगर, बगहा और रामनगर में भी लड़ाई आरपार की मानी जा रही है.

2020 में आठ सीटों पर एनडीए को मिली थी जीत

पश्चिम चंपारण में पिछली बार 2020 के चुनाव में एनडीए को 9 में से आठ सीटों पर जीत मिली थी. इसमें से अकेले भाजपा के सात विधायक जीते थे, वाल्मीकिनगर से जदयू ने जीत दर्ज की थी. जबकि महागठबंधन में शामिल सीपीआई एमएल को महज एक सिकटा सीट पर जीत मिली थी. 2020 के मुकाबले कांग्रेस अबकी सात के बजाय 6 सीटों पर लड़ रही है. राजद ने एक के मुकाबले अपने तीन उम्मीदवार दिये हैं. एक पर सीपीआई एमएल के विधायक ही लड़ रहे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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