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Vehicle Scrap Policy: कबाड़ी दुकानदार भी खोल सकते हैं व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर, ऐसा है सरकार का प्लान

Updated at : 11 May 2022 6:26 PM (IST)
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Vehicle Scrap Policy: कबाड़ी दुकानदार भी खोल सकते हैं व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर, ऐसा है सरकार का प्लान

vehicle scrapping policy: गडकरी ने कहा कि इस नीति से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तांबा, इस्पात, एल्युमीनियम, रबड़ और प्लास्टिक आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र देश में करोड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है.

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Nitin Gadkari, Vehicle Scrapping Facility in India: देश में वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार हर शहर के केंद्र से 150 किलोमीटर के दायरे में कम से कम एक वाहन स्क्रैपिंग केंद्र खोलने का लक्ष्य बना रही है. गडकरी ने कहा कि देश में दक्षिण एशिया क्षेत्र का वाहन स्क्रैपिंग हब बनने की क्षमता है. यानी अब इस पॉलिसी के जरिये सरकार लोगों की पहुंच को आसान बनाने के लिए काम कर रही है.

वाहन कबाड़ नीति से प्रदूषण कम होगा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसी कड़ी में हाल ही में हरियाणा के नूंह जिले में एक वाहन स्क्रैपिंग (कबाड़) सुविधा का उद्घाटन किया. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लायी गई वाहन कबाड़ नीति से प्रदूषण कम होगा, जबकि कम लागत पर इस क्षेत्र में उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी. राज्य सरकार के एक बयान में यह जानकारी दी गई है.

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बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे

गडकरी ने कहा कि इस नीति से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि तांबा, इस्पात, एल्युमीनियम, रबड़ और प्लास्टिक आसानी से उपलब्ध हो जाएगा. उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र देश में करोड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के अंत तक इस नयी वाहन नीति से बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे और यह नीति पर्यावरण के लिए भी अहम भूमिका निभाएगी. इस अवसर पर मौजूद हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने न केवल प्रदेश में बल्कि पूरे देश में सड़कों का एक संजाल बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री की प्रशंसा की.

कबाड़ी भी खोल सकता है स्क्रैप सेंटर

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार ने वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी को इस तरह से डिजाइन किया है कि छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के निवेशक स्क्रैप सेंटर खोल सकते है. उन्होंने कहा कि एक कबाड़ी से लेकर बड़ी ऑटो कंपनी तक कोई भी अपना स्क्रैप सेंटर खोल सकता है. खास बात यह है कि इसकी परमिशन के लिए सरकार की तरफ से सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम मिलेगा, जहां स्क्रैप सेंटर से जुड़ी सारी मंजूरियां एक ही जगह मिलेंगी. एक शहर के भीतर कबाड़ बन चुके वाहनों को इकट्ठा करनेवाले कई अधिकृत केंद्र खोले जा सकते हैं, जिन्हें वाहन का पंजीकरण खत्म करने का अधिकार होगा. (इनपुट : भाषा)

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