Used Car Market में AI की एंट्री, Spinny के बॉट ने किया ऐसा नेगोशिएशन, यूजर भी रह गया दंग

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एआई वॉइस बॉट / सिम्बॉलिक पिक एआई से बनी

स्पिन्नी के एआई वॉइस बॉट ने इंसानों की तरह कार की कीमत पर बातचीत की और डील फाइनल कर दी. भारत के ऑटो सेक्टर में एआई का यह नया इस्तेमाल तेजी से चर्चा में है.

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भारत में एआई अब सिर्फ चैटबॉट या फोटो एडिटिंग तक सीमित नहीं रहा. अब यह लोगों की रोजमर्रा की खरीद-बिक्री में भी एंट्री कर चुका है. हाल ही में एक यूजर ने सोशल मीडिया पर ऐसा अनुभव शेयर किया जिसने दिखा दिया कि आने वाले समय में कार खरीदने और बेचने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है. यूजर ने बताया कि उसने अपने पिता की पुरानी कार एक एआई वॉइस बॉट से बात करके बेच दी. हैरानी की बात यह रही कि बातचीत इतनी नेचुरल थी कि उसे कई बार लगा ही नहीं कि सामने कोई मशीन है.

“मैं आर्यन बोल रहा हूं” से शुरू हुई बातचीत

यूजर के मुताबिक, उसे इस्तेमाल की गई कार खरीदने-बेचने वाली कंपनी स्पिन्नी की तरफ से कॉल आया. कॉल की शुरुआत हिंदी में हुई और सामने से आवाज आई, “मैं आर्यन बोल रहा हूं.” शुरुआत में यूजर को लगा कि कोई सामान्य सेल्स एजेंट बात कर रहा है, लेकिन बाद में पता चला कि यह एआई आधारित वॉइस असिस्टेंट था.

दिलचस्प बात यह रही कि एआई सिर्फ स्क्रिप्ट पढ़ने वाला सिस्टम नहीं था. उसने कार की मार्केट वैल्यू, डीजल वेरिएंट की मांग और डिप्रिसिएशन जैसे मुद्दों पर तर्क देते हुए कीमत पर बातचीत की. यूजर ने बताया कि एआई बॉट ने बिल्कुल इंसानों की तरह बातचीत की और हर सवाल का जवाब काफी शांति से दिया.

एआई ने ऐसे किया प्राइस नेगोशिएशन

कार बेचते समय सबसे बड़ी परेशानी लगातार मोलभाव और अलग-अलग ऑफर्स की होती है. लेकिन इस मामले में एआई बॉट ने पूरे प्रॉसेस को आसान बना दिया. यूजर ने जब अपनी अंतिम कीमत बताई, तो एआई ने जवाब दिया कि वह “सीनियर से कंसल्ट” करके बताता है.

कुछ देर बाद एआई वापस आया और डील को मंजूरी दे दी. यूजर ने लिखा कि यह उसकी पहली ऐसी डील थी जो किसी एआई वॉइस बॉट के साथ पूरी हुई. सबसे खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान कहीं भी चिढ़ या दबाव जैसा अनुभव नहीं हुआ, जो अक्सर इंसानी डीलर्स के साथ देखने को मिलता है.

भारत के ऑटो मार्केट में तेजी से बढ़ रही एआई की एंट्री

यह घटना दिखाती है कि भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एआई अब बैकग्राउंड टेक्नोलॉजी नहीं रह गया है. कंपनियां अब एआई का इस्तेमाल प्राइसिंग, कस्टमर सपोर्ट, कार वैल्यूएशन और डील क्लोजिंग जैसे कामों में करने लगी हैं.

खासतौर पर इस्तेमाल की गई कारों के बाजार में एआई की भूमिका तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि यहां ग्राहकों को तेज और पारदर्शी अनुभव चाहिए होता है. एआई सिस्टम डेटा के आधार पर तुरंत वैल्यू तय कर सकते हैं और बिना भावनात्मक दबाव के बातचीत पूरी कर सकते हैं.

यूजर्स को क्यों पसंद आ रहा है यह बदलाव

कई लोगों के लिए कार बेचने का अनुभव तनावभरा होता है. बार-बार कॉल, कम कीमत के ऑफर और लंबा प्रॉसेस लोगों को परेशान कर देता है. ऐसे में एआई आधारित सिस्टम ग्राहकों को ज्यादा सहज अनुभव दे सकते हैं.

इस मामले में भी यूजर ने कहा कि असली मानव टीम से ज्यादा तेज और स्मूद बातचीत एआई बॉट ने की. यही वजह है कि अब लोग एआई को सिर्फ तकनीक नहीं बल्कि उपयोगी सहायक के तौर पर देखने लगे हैं.

आने वाले समय में और बदल सकता है कार खरीदने-बेचने का तरीका

ऑटो इंडस्ट्री में एआई की मौजूदगी अब और गहरी होने वाली है. आने वाले समय में एआई न सिर्फ कार बेचने में मदद करेगा, बल्कि टेस्ट ड्राइव बुकिंग, फाइनेंस ऑप्शन, इंश्योरेंस और सर्विस शेड्यूल तक संभाल सकता है.

जिस तरह डिजिटल पेमेंट्स कुछ सालों में सामान्य बन गए, उसी तरह एआई आधारित बातचीत भी जल्द रोजमर्रा का हिस्सा बन सकती है. और इसकी शुरुआत शायद उसी एक लाइन से हो चुकी है – “मैं आर्यन बोल रहा हूं.”

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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