रांची पुलिस का बड़ा एक्शन: SSC परीक्षा का सिस्टम हैक करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

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SSC Exam Cheating

प्रेस वार्ता करती पुलिस

SSC Exam Cheating: रांची के टाटीसिलवे में पुलिस ने SSC (GD/Constable) परीक्षा में कंप्यूटर सिस्टम हैक कर नकल कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. परीक्षा केंद्र के केंद्रधीक्षक और आईटी कर्मी सहित बिहार के 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो 6 से 10 लाख में रुपये सेटिंग कर रिमोट एक्सेस से पेपर हल करवा रहे थे. पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें.

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रांची से प्रणव की रिपोर्ट

SSC Exam Cheating Case, रांची: रांची में कर्मचारी चयन आयोग (SSC GD Constable) परीक्षा में कंप्यूटर सिस्टम को हैक कर बड़े पैमाने पर धांधली कराने वाले एक अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है. रांची पुलिस ने इस मामले में परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी, परीक्षा केंद्र के इनविजिलेटर यानी वीक्षक, केंद्राधीक्षक और एक आईटी कर्मी सहित कुल चार लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. यह पूरा खेल रांची के टाटीसिलवे थाना क्षेत्र स्थित ‘जीनियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ परीक्षा केंद्र में चल रहा था, जहां बिहार के एक शातिर गिरोह द्वारा सिस्टम को रिमोट एक्सेस पर लेकर पेपर सॉल्व कराया जा रहा था.

इनविजिलेटर के कहने पर रिस्टार्ट हुआ कंप्यूटर, खुली पोल

दरअसल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रांची को 21 मई 2026 की सुबह सूचना मिली थी कि टाटीसिलवे के डोल बगीचा स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा संचालन के दौरान कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने का प्रयास किया जा रहा है. सूचना मिलते ही ग्रामीण एसपी के निर्देशन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-1 अमर कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में टाटीसिलवे थाना पुलिस की एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई. पुलिस टीम ने जब परीक्षा केंद्र के पहले तल पर स्थित लैब-1 में औचक निरीक्षण किया, तो पाया कि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले इनविजिलेटर के कहने पर एक अभ्यर्थी ने अपने कंप्यूटर सिस्टम को री-स्टार्ट किया था, जो परीक्षा संचालन के नियमों के खिलाफ है. तकनीकी जांच में प्राथमिक रूप से यह बात सामने आई कि कंप्यूटर को इंटरनेट के जरिए रिमोट एक्सेस पर लिया गया था, ताकि स्क्रीन मिररिंग कर बाहर से प्रश्नपत्र हल कराया जा सके.

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सड़क पार किराए के मकान में बना था सीक्रेट ‘हैकिंग हब’

पकड़े गए अभ्यर्थी और इनविजिलेटर से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने पूरे रैकेट का खुलासा कर दिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सड़क पार राजू मुंडा नामक व्यक्ति के घर पर छापेमारी की, जहां इस गिरोह ने अपना सीक्रेट कंट्रोल रूम बना रखा था. यहां इस परीक्षा केंद्र का केंद्राधीक्षक विकाश कुमार और आईटी कर्मी मुन्ना राज किराएदार बनकर रह रहे थे. ये दोनों वहां कंप्यूटर लगाकर परीक्षा केंद्र के सिस्टम को इंटरनेट और आईपी एड्रेस के माध्यम से हैक कर रहे थे और बाहर से ही अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्र हल करवा रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया.

6 लाख से 10 रुपये लाख में डील

गहन पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह एक बड़ा संगठित गिरोह है, जो परीक्षा पास कराने के नाम पर बिचौलियों के जरिए सीधे परीक्षा केंद्र के संचालकों और कर्मियों से सांठगांठ करता था. इस काम के लिए प्रति छात्र 6 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की भारी रकम वसूली जाती थी. गिरफ्तार अभ्यर्थी ने पुलिस को बताया कि बिहार के एक दलाल के जरिए उसकी 6 लाख रुपये में सेटिंग हुई थी और गारंटी के तौर पर बिचौलिये ने अभ्यर्थी का मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने पास गिरवी रख लिया था.

कंप्यूटर, मोबाइल और ओरिजिनल दस्तावेज बरामद

पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान मौके से दो कंप्यूटर मॉनिटर, तीन सीपीयू, एक ब्रॉडबैंड वाईफाई डिवाइस, दो की-बोर्ड, दो माउस और तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इसके साथ ही गिरफ्तार अभ्यर्थी का एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, पांच बैंक चेक और दो अन्य अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी जब्त किए गए हैं. छापेमारी दल में थाना प्रभारी हंसे उरांव, पुअनि चुड़ामणि टुडू, संजय कुमार साव, अनिमानन्द रोशन टोप्पो सहित बलभद्र कुमार, अरुण कुमार और प्रवेश कुमार सिन्हा शामिल थे.

एंटी-पेपर लीक कानून सहित नए BNS के तहत FIR दर्ज

रांची पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए टाटीसिलवे थाना में काण्ड संख्या- 58/2026 दर्ज किया है. अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 (2) और हाल ही में प्रभावी हुए कड़े कानून ‘द पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट- 2024’ (The Public Examination Act-2024) की धारा 10/11 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है. पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों को चिन्हित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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