झारखंड के सरकारी स्कूलों का 'AI' चमत्कार: फेलियर रेट 70% गिरा, लातेहार और गुमला बने स्टेट टॉपर

Published by : Sameer Oraon Updated At : 22 May 2026 7:23 PM

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स्कूल में बैठे बच्चे

Jharkhand School News: सरकारी स्कूलों में 'संपूर्ण शिक्षा कवच' (SSK) और 'फिलो' एआई प्लेटफॉर्म के तालमेल से बड़ी शिक्षा क्रांति आई है. महज 1 साल में फेलियर रेट 70% तक गिर गया है, जबकि लातेहार और गुमला जैसे जिले झारखंड में नंबर-1 बन गए हैं. नीति आयोग और भारत सरकार से सम्मानित इस मॉडल की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.

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Jharkhand School News, रांची : देश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए शुरू किए गए ‘संपूर्ण शिक्षा कवच’ (SSK) प्रोग्राम के अच्छे नतीजे देखने को मिले हैं. राज्य सरकारों और दिल्ली स्थित एआई एजुकेशन स्टार्टअप ‘फिलो’ (Philo) के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत संचालित इस मॉडल ने महज एक साल में फेलियर रेट में 70% तक की भारी गिरावट दर्ज की है. एनसीईआरटी (NCERT) की साझेदारी वाला यह प्लेटफॉर्म सरकारी स्कूलों के छात्रों को 24×7 लाइव वन-ऑन-वन पर्सनल टीचर सपोर्ट बिल्कुल मुफ्त देता है.

झारखंड में लातेहार और गुमला बने नंबर-1

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कभी बेहद पिछड़े माने जाने वाले जिलों के सरकारी स्कूल अब राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं. वर्ष 2023 में कक्षा 12वीं साइंस रैंकिंग में 13वें स्थान पर रहने वाला लातेहार जिला, लगातार दो वर्षों (2025 और 2026) से राज्य में पहले स्थान पर बरकरार है. जिले ने रिकॉर्ड 93.25% पास प्रतिशत हासिल किया है.

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एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में गुमला जिला पहले स्थान पर

वहीं, नीति आयोग के एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट में शामिल गुमला जिला 2025 में 20वें स्थान से छलांग लगाकर 2026 में झारखंड में पहले नंबर पर पहुंच गया. इस जिले का पास प्रतिशत 87% से बढ़कर 99.3% हो गया. इसके अलावा दुमका जिला कक्षा 10 की रैंकिंग में 24वें स्थान से दूसरे स्थान पर आ गया है, जबकि आदिवासी बहुल पश्चिमी सिंहभूम जिला कक्षा 12वीं साइंस में 18वें से 9वें स्थान पर पहुंच गया है.

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता

झारखंड के अलावा मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान जैसे 6 राज्यों में इस मॉडल का तेजी से विस्तार हुआ है. अमेरिका की ‘जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी’ ने भी एक स्वतंत्र अध्ययन में इस मॉडल को कम आय वाले छात्रों के लिए बेहद प्रभावी माना है. इस बेहतरीन गवर्नेंस मॉडल को भारत सरकार द्वारा 26वें और 28वें नेशनल अवॉर्ड्स फॉर ई-गवर्नेंस में ‘गोल्ड अवॉर्ड’ तथा नीति आयोग द्वारा ‘नीति फॉर स्टेट्स अवॉर्ड्स 2025’ में देश की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा पहल के रूप में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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