Ola Electric को फिर मिली रफ्तार, EV बाजार में खर्च घटाकर ग्रोथ प्लान तैयार

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 May 2026 5:37 PM

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Ola S1 Air Electric Scooter

Ola Electric ने लागत घटाने और ऑपरेशनल सुधार के बाद FY2026-27 में तेज ग्रोथ की उम्मीद जताई है. कंपनी को पहली तिमाही में बिक्री और रेवेन्यू दोनों में बड़ा उछाल आने का भरोसा है.

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भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में पिछले कुछ महीनों से चुनौतियों का सामना कर रही Ola Electric अब नए आत्मविश्वास के साथ वापसी की तैयारी में जुट गई है. कंपनी का कहना है कि उसने हाल के समय में अपने ऑपरेशंस, लागत नियंत्रण और कस्टमर एक्सपीरियंस पर काफी काम किया है, जिसका असर अब बिक्री और कमाई दोनों में दिखने लगा है. कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 उसके लिए तेज ग्रोथ और बेहतर मुनाफे वाला साल साबित हो सकता है.

बिक्री में फिर दिखने लगी तेजी

Ola Electric के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भविष अग्रवाल ने बताया कि बीते कुछ क्वाॅर्टर कंपनी के लिए सुधार और सिस्टम मजबूत करने पर केंद्रित रहे. इसी वजह से चौथी तिमाही में रेवेन्यू अपेक्षाकृत कमजोर रहा, क्योंकि फोकस विस्तार से ज्यादा ऑपरेशनल सुधार पर था.

हालांकि मार्च के बाद से कंपनी की बिक्री फिर बढ़ने लगी है. मार्च में जहां रजिस्ट्रेशन करीब 10 हजार के आसपास थे, वहीं अप्रैल में यह बढ़कर 12 हजार तक पहुंच गए. कंपनी का अनुमान है कि मई में यह आंकड़ा 14 से 15 हजार यूनिट तक जा सकता है.

FY27 की पहली तिमाही से बड़ी उम्मीद

कंपनी को भरोसा है कि आने वाले महीनों में यह सुधार और स्पष्ट दिखाई देगा. Ola Electric ने FY2026-27 की पहली तिमाही में 40 हजार से 45 हजार यूनिट ऑर्डर मिलने का अनुमान जताया है.

इसके साथ ही कंपनी को उम्मीद है कि उसका कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 500 से 550 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. यह पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग दोगुना होगा. इससे साफ है कि Ola अब फिर से आक्रामक ग्रोथ मोड में लौटने की तैयारी कर रही है.

लागत घटाने पर कंपनी का सबसे बड़ा फोकस

Ola Electric ने बीते महीनों में खर्च कम करने पर भी काफी काम किया है. कंपनी के मुताबिक, सालाना आधार पर उसके खर्च लगभग आधे हो चुके हैं.

भविष अग्रवाल ने कहा कि आने वाली कुछ तिमाहियों में मासिक खर्च घटकर 100 से 120 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. कंपनी का मानना है कि अब उसका बिजनेस मॉडल ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बन चुका है.

साथ ही, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन यानी PLI स्कीम के बिना भी कंपनी का सकल लाभांश बेहतर स्तर पर पहुंचा है. चौथी तिमाही में ग्रॉस मार्जिन 38.5 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की तुलना में काफी मजबूत माना जा रहा है.

इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

भारतीय EV मार्केट में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है. TVS, Bajaj, Ather और Hero जैसी कंपनियां तेजी से नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर रही हैं. ऐसे में Ola Electric के लिए केवल बिक्री बढ़ाना ही नहीं, बल्कि ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना भी बेहद जरूरी होगा.

कंपनी अब अपनी रणनीति को कम लागत में ज्यादा बिक्री मॉडल पर आगे बढ़ाना चाहती है. यानी बिना बड़े अतिरिक्त निवेश के अधिक यूनिट बेचने पर फोकस रहेगा.

भारत के EV बाजार पर बड़ा दांव

भारत में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, सरकार की EV नीतियां और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को लगातार बढ़ा रहा है. Ola Electric इसी मौके को बड़े स्तर पर भुनाना चाहती है.

कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार और तेजी से बढ़ेगा. अगर Ola अपने लागत नियंत्रण और सर्विस नेटवर्क को मजबूत रखने में सफल रहती है, तो वह फिर से बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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