Maruti Swift खरीदने से पहले जान लें 3 फायदे और 3 नुकसान, फैसला लेना हो जाएगा आसान
maruti suzuki swift (Image Credit: Maruti Suzuki)
मारुति स्विफ्ट भारतीय सड़कों पर राज करती है. इस प्रीमियम हैचबैक को खरीदने से पहले, इसके 3 फायदे और 3 नुकसान जानना जरूरी है. यह जानकारी आपको सही फैसला लेने में मदद करेगी.
मारुति सुजुकी का इंडियन ऑटोमोबाइल मार्केट में एक अलग रुतबा है. इस कंपनी की गाड़ियों के लोग फैन हैं. इसी की Maruti Suzuki Swift देश में सबसे अधिक पॉपुलर प्रीमियम हैचबैक कारों में से एक है. इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन, बेस्ट इंजन पावर और एक्साइटमेंट ड्राइविंग एक्सपिरियंस इसे डेली ड्राईव के लिए उपयुक्त बनाता है. यदि आप भी इस कार को लेने का प्लान बना रहे हैं, तो उससे पहले इसके 3 फायदे और 3 नुकसान जरूर जान लें. इससे फैसला लेना आसान हो जाएगा.
खरीदने के 3 फायदे
- एक्सलेंस फ्यूल एफिशिएंसी
Maruti Swift की सबसे बड़ी खूबियों में से एक इसकी एक्सलेंस फ्यूल एफिशिएंसी है. इसमें मिलने वाला 1.2 लीटर तीन सिलेंडर पेट्रोल इंजन डेली ड्राइव को आसान बनाता है. AutoCar India के अनुसार, स्विफ्ट का मैनुअल वेरिएंट शहरी सड़कों पर 14 kmpl और हाइवे और 19 kmpl माइलेज देती है. वहीं, AMT (ऑटोमैटिक मैनुअल ट्रांसमिशन) वेरिएंट 12.7 kmpl और 19.1 kmpl माइलेज देती है. इसके अलावा इंजन लो स्पीड पर अच्छी फीडबैक देती है. 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स कम समय में सटीक गियर शिफ्ट करती है.
- अट्रैक्टिव हैंडिलिंग और लाइट कंट्रोल
मारुति स्विफ्ट आज भी डेली ड्राइव के लिहाज से बेस्ट और रोमांचक ड्राइविंग एक्सपिरियंस देती है. इसका स्टियरिंग परफेक्ट है और बॉडी रोल अच्छी तरह से बैलेंस है. इसमें मिलने वाला फ्रंट एंड ग्रिप घुमावदार सड़कों पर बेहतर रिजल्ट देती है. कॉम्पैक्ट आकार के कारण सिटी में ड्राइव करना आसान होता है. ट्रैफिक में भी इसे चलाना ईजी है. इसके अलावा रोजाना ड्राइव के लिए राइड क्वालिटी कंफर्टेबल है. इसका ब्रेकिंग परफॉर्मेंस अच्छा है और लाइट कंट्रोल के चलते इसे चलाना ईजी है.
- प्रैक्टिकल और अच्छी डिजाइन
स्विफ्ट में कंफर्टेबल ड्राइविंग पोजीशन, सपोर्टिव फ्रंट सीटें और 2 लोगों के लिए पर्याप्त रियर सीट स्पेस मिलता है. केबिन के चारों ओर स्टोरेज स्पेस काफी है और 265 लीटर बूटस्पेस मिलता है. टॉप वेरिएंट में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कारप्ले के साथ 9 इंच टचस्क्रीन, वायरलेस चार्जर, रियर एसी वेंट, कनेक्टेड टेक्निक और स्वचालित क्लाइमेट कंट्रोल जैसी फीचर्स मिलेंगे.
खरीदने के 3 नुकसान
- इंजन में पंच की कमी
स्विफ्ट में मिलने वाला 1.2 लीटर इंजन डेली ड्राइव के लिए तो बढ़िया है, लेकिन चलाने में उतना रोमांचक नहीं है. इसकी 82 hp और 112 nm आउट्पुट शहर में आने-जाने और लॉंग ट्रिप के लिए आसान नहीं, लेकिन एक्साइटमेंट वाले ड्राइवर्स को इसकी मिड रेंज और टॉप एंड परफ़ॉर्मेंस की कमी महसूस हो सकती है.
- AMT देता है ओल्ड वाली फील
5 स्पीड AMT कंफर्टेबल शहरी ड्राइविंग में बेहतर अनुभव देती है, लेकिन तेज गति से एक्सिलरेट करने पर गियर बदलना धीमा और महसूस होने लगता है. इससे परफॉर्मेंस प्रभावित होती है और ऑटो वर्जन मैनुअल की तुलना में कम अट्रैक्टिव लगता है.
- टॉप वेरिएंट के सामने बड़ी चुनौती
मारुति स्विफ्ट के टॉप वेरिएंट की कीमत बलेनो जैसी प्रीमियम हैचबैक कारों के जितना है, जिनमें अधिक केबिन स्पेस, बेहतर आराम और शानदार इंटीरियर का अनुभव मिलता है. हालांकि, स्विफ्ट में अच्छे फीचर्स मौजूद हैं, लेकिन इसके केबिन में हार्ड प्लास्टिक का यूज किया गया है, जिससे यह कार कंपटीशन के मामले में कुछ से पीछे है.
ये भी पढ़ें: 3.70 लाख की Alto K10 या 4.53 लाख की Kwid? जानें किस कार पर पैसा लगाना फायदे का सौदा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By शिवांश शेखर
शॉर्ट बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.
विस्तृत बायो
शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं.
उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई
बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
काम का सफर
पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.
विजन
शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए









