रूस में हुई रोबोट्स की शादी! दूल्हा-दुल्हन बने ह्यूमनॉइड, रोबोट डॉग ने पहनाए वेडिंग ब्रेसलेट

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ह्यूमनॉइड रोबोट्स की हुई शादी / फोटोज सोशल मीडिया से

रूस की राजधानी मॉस्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स की प्रतीकात्मक शादी का आयोजन किया गया, जिसने दुनिया भर का ध्यान खींचा. यह आयोजन रोबोटिक्स की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए किया गया था. रोबोट्स ने एक-दूसरे से वचन लिए और वेडिंग ब्रेसलेट बदले, जिसने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया.

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की दुनिया हर दिन नए प्रयोग कर रही है. इसी कड़ी में रूस की राजधानी मॉस्को में ऐसा आयोजन हुआ जिसने दुनियाभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. यहां दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स की प्रतीकात्मक शादी कराई गई. इस समारोह में रोबोट्स ने एक-दूसरे से वादे किए, वेडिंग ब्रेसलेट बदले और पूरा माहौल बिल्कुल किसी असली शादी जैसा नजर आया. हालांकि आयोजकों ने साफ किया कि यह कानूनी शादी नहीं थी, बल्कि आधुनिक रोबोटिक्स की क्षमताओं को दिखाने वाला एक तकनीकी प्रदर्शन था.

मॉस्को की लाइब्रेरी में हुआ अनोखा समारोह

अंग्रेजी अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अनोखा कार्यक्रम मॉस्को की पुष्किन लाइब्रेरी में आयोजित किया गया. इसे रूस के "डे ऑफ फैमिली, लव एंड फिडेलिटी" के मौके पर आयोजित किया गया, जो परिवार, प्रेम और वैवाहिक मूल्यों को समर्पित राष्ट्रीय उत्सव माना जाता है.

समारोह में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स 'रॉबर्ट' और 'मटिल्डा' को दूल्हा-दुल्हन की तरह तैयार किया गया. दोनों ने पहले से प्रोग्राम किए गए विवाह वचन दोहराए और एक-दूसरे को प्रतीकात्मक वेडिंग ब्रेसलेट पहनाए. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि ये ब्रेसलेट 'डॉगमैटिक' नाम के एक रोबोट डॉग ने समारोह के दौरान पहुंचाए.


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शादी नहीं, रोबोटिक्स की ताकत दिखाने का था मकसद

इस आयोजन का उद्देश्य रोबोट्स को इंसानों की तरह भावनात्मक रूप से पेश करना नहीं था. डेवलपर्स के मुताबिक इसका मकसद यह दिखाना था कि आधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट अब जटिल गतिविधियों को बेहद सटीक तरीके से पूरा करने में सक्षम हो चुके हैं.

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे रोबोट घरों, ऑफिसों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. इस आयोजन के जरिए लोगों को नई तकनीक से परिचित कराने और उस पर चर्चा बढ़ाने की कोशिश की गई.

तेजी से बदल रही है घरेलू रोबोट्स की दुनिया

कुछ साल पहले तक घरेलू रोबोट केवल सीमित काम ही कर पाते थे, लेकिन अब तकनीक काफी आगे बढ़ चुकी है. नए ह्यूमनॉइड रोबोट आवाज पहचान सकते हैं, लोगों से बातचीत कर सकते हैं, घर के अंदर रास्ता खोज सकते हैं और कई तरह के स्मार्ट वर्क भी कर सकते हैं.

इंसानों जैसे आकार वाले रोबोट्स की लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि वे ऐसे माहौल में आसानी से काम कर सकते हैं जो पहले से इंसानों के लिए डिजाइन किया गया है. यही वजह है कि दुनिया की कई टेक कंपनियां इस दिशा में तेजी से निवेश कर रही हैं.

परंपरा और तकनीक का अनोखा संगम

रूस में "डे ऑफ फैमिली, लव एंड फिडेलिटी" वर्ष 2008 से मनाया जा रहा है. यह दिन संत पीटर और फेवरोनिया की स्मृति में समर्पित है, जिन्हें रूसी परंपरा में आदर्श वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है.

ऐसे पारंपरिक उत्सव के बीच ह्यूमनॉइड रोबोट्स की शादी आयोजित करके आयोजकों ने आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने की कोशिश की. यही वजह है कि यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया.

क्या भविष्य में इंसानों के साथ और ज्यादा जुड़ेंगे रोबोट?

हालांकि यह शादी पूरी तरह प्रतीकात्मक थी और इसका कोई कानूनी दर्जा नहीं था, लेकिन इसने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आने वाले वर्षों में रोबोट हमारी जिंदगी का कितना अहम हिस्सा बनेंगे. फिलहाल विशेषज्ञ मानते हैं कि इनका मुख्य उद्देश्य इंसानों की मदद करना है, न कि उनकी जगह लेना. फिर भी इस तरह के आयोजन यह संकेत जरूर देते हैं कि रोबोटिक्स अब प्रयोगशालाओं से निकलकर समाज के बीच पहुंच रही है.


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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

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