जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, ये कारें देती हैं जबरदस्त फ्यूल एफिशिएंसी

Edited by Rajeev Kumar
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विक्टोरिस / मारुति सुजुकी

कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करने वाली कार खरीदना चाहते हैं? जानिए भारत की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कारों के बारे में, जिनमें हाइब्रिड, सीएनजी और पेट्रोल मॉडल शामिल हैं...

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भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार लोगों के बजट पर असर डाल रही हैं. ऐसे में नई कार खरीदने वाले ग्राहकों की पहली प्राथमिकता अब सिर्फ डिजाइन या फीचर्स नहीं, बल्कि माइलेज भी बन चुकी है. खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, ईंधन दक्षता सीधे तौर पर जेब पर पड़ने वाले खर्च को कम कर सकती है. अगर आप भी ऐसी कार की तलाश में हैं जो कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करे, तो भारतीय बाजार में कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो शानदार माइलेज के साथ बेहतर ड्राइविंग अनुभव भी देते हैं.

हाइब्रिड तकनीक ने बदल दिया माइलेज का खेल

पिछले कुछ वर्षों में हाइब्रिड तकनीक वाली कारों की मांग तेजी से बढ़ी है. पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के संयोजन से चलने वाली ये कारें पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में कहीं बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी देती हैं. इसी वजह से माइलेज के मामले में हाइब्रिड मॉडल्स सूची में सबसे ऊपर दिखाई दे रहे हैं.

मारुति सुजुकी विक्टोरिस इस समय सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली कारों में शामिल है. हाइब्रिड मोड में यह 28.65 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देने का दावा करती है. वहीं सीएनजी वर्जन में यह 27.02 किमी प्रति किलोग्राम तक का माइलेज देती है. इसके अलावा मारुति ग्रैंड विटारा और टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर भी लगभग 27.97 किमी प्रति लीटर का माइलेज देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं.

सेडान सेगमेंट में भी मजबूत विकल्प

अगर आप एसयूवी के बजाय सेडान पसंद करते हैं तो होंडा सिटी हाइब्रिड एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. यह कार लगभग 26.5 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है. इसके साथ प्रीमियम केबिन, आधुनिक तकनीक और आरामदायक ड्राइविंग अनुभव भी मिलता है. यही वजह है कि यह माइलेज और लग्जरी का संतुलन चाहने वाले ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है.

छोटी कारों का जलवा अब भी बरकरार

भारतीय बाजार में हैचबैक सेगमेंट अभी भी सबसे ज्यादा बिक्री वाला वर्ग बना हुआ है. मारुति सेलेरियो, स्विफ्ट, वैगनआर, एस-प्रेसो और ऑल्टो के10 जैसी कारें शानदार माइलेज के साथ किफायती कीमत भी ऑफर करती हैं.

मारुति सेलेरियो करीब 26 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देती है, जबकि नई स्विफ्ट 25.75 किमी प्रति लीटर तक का दावा करती है. वहीं डिजायर भी 25.71 किमी प्रति लीटर तक की फ्यूल एफिशिएंसी के साथ ग्राहकों की पसंद बनी हुई है. वैगनआर और ऑल्टो के10 जैसी कारें भी कम रखरखाव लागत और बेहतर माइलेज के कारण पहली कार खरीदने वालों की पसंद में शामिल हैं.

खरीदने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

सिर्फ माइलेज देखकर कार खरीदना सही फैसला नहीं होता. ग्राहकों को अपनी जरूरत, रोजाना चलने वाली दूरी, सर्विस नेटवर्क, सुरक्षा फीचर्स और मेंटेनेंस लागत जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए. अगर आपकी मासिक रनिंग ज्यादा है तो हाइब्रिड या सीएनजी मॉडल लंबे समय में अधिक बचत करा सकते हैं.

बढ़ते ईंधन खर्च के दौर में समझदारी भरा विकल्प

जब ईंधन की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, तब बेहतर माइलेज वाली कार चुनना एक स्मार्ट निवेश साबित हो सकता है. हाइब्रिड, सीएनजी और आधुनिक पेट्रोल इंजन तकनीक की बदौलत अब ग्राहकों के पास पहले से ज्यादा विकल्प मौजूद हैं. यही वजह है कि माइलेज अब भारतीय कार बाजार में सबसे महत्वपूर्ण खरीदारी मानदंडों में से एक बन चुका है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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