राजस्थान में इलेक्ट्रिक कार का PUC चालान कटा तो सवाल उठा- क्या EV को भी PUC जरूरी है?

Updated:
विज्ञापन
rajasthan electric car fine

राजस्थान पुलिस ने इलेक्ट्रिक कार का काटा चालान (Photo: AI Generated)

राजस्थान में एक इलेक्ट्रिक कार को PUC सर्टिफिकेट न होने पर चालान मिलने से विवाद खड़ा हो गया. मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और EV नियमों पर सवाल उठे. बाद में पुलिस ने इसे गलती मानते हुए सुधार का आश्वासन दिया, क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर PUC लागू नहीं होते.

विज्ञापन

Electric Car PUC: राजस्थान पुलिस का एक मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. हुआ यूं है कि एक इलेक्ट्रिक कार मालिक को PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट न दिखाने पर चालान थमा दिया गया. खास बात यह है कि ये घटना एक ASI पुलिस अधिकारी से जुड़ी हुई है और इसका वीडियो भी वायरल हो गया है. वीडियो में Tata Tiago EV के मालिक और पुलिस अधिकारी के बीच बहस काफी बढ़ जाती है. बहस के बाद अंत में वाहन चालक पर ₹1,500 का जुर्माना लगा दिया जाता है. आइए आपको पूरा मामला डिटेल में बताते हैं.

क्या है पूरा मामला?

ये मामला राजस्थान के नागौर जिले का है, जहां एक Tata Tiago EV को पुलिस ने रोक लिया. वजह थी कार के आगे लगे विंडशील्ड सनशेड्स. इसी को लेकर कार मालिक और ASI पुलिस अधिकारी के बीच थोड़ी बहस भी हो गई. बात बढ़ने पर पुलिस ने सनशेड्स के लिए ₹200 का चालान काट दिया. इसके साथ ही EV मालिक को Pollution Certificate (PUC) न होने पर भी फाइन लगाया गया. लेकिन मालिक ने साफ कहा कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए PUC जरूरी ही नहीं होता. हालांकि उनकी यह दलील उस समय काम नहीं आई और उन्हें चालान भुगतना पड़ा.

पुलिस डिपार्टमेंट ने क्या कहा?

NDTV Rajasthan की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार की विंडो शेड्स हटाने को लेकर ड्राइवर की बहस हो गई थी. इसी दौरान माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया और गलती से उस पर पॉल्यूशन नियमों के उल्लंघन का चालान काट दिया गया.

पुलिस विभाग ने साफ किया है कि यह एक गलती थी और मामले की जांच की जा रही है. साथ ही आश्वासन दिया गया है कि गलत तरीके से लगाया गया यह जुर्माना सिस्टम से हटा दिया जाएगा.

क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियों को PUC सर्टिफिकेट की जरूरत होती है?

इसका सीधा जवाब है- नहीं. इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) बैटरी से चलते हैं और इनमें पेट्रोल या डीजल की तरह धुआं या टेलपाइप एमिशन नहीं निकलता. इसी वजह से इन्हें रेगुलर PUC टेस्ट कराने की जरूरत नहीं पड़ती.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नियमों के मुताबिक भी बैटरी से चलने वाली गाड़ियों को पॉल्यूशन चेक से छूट मिली हुई है. यानी PUC सर्टिफिकेट की जरूरत सिर्फ पेट्रोल, डीजल और अन्य फ्यूल वाली गाड़ियों के लिए होती है.

यह भी पढ़ें: आपकी बाइक या कार का PUC एक्सपायर तो नहीं हो गया? आज ही जान लें स्टेटस चेक करने के ये दो आसान तरीके

विज्ञापन
अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola