1000KM से ज्यादा चलेंगी ये हाइब्रिड कारें! EV जैसी टेक्नोलॉजी, पेट्रोल कार जैसी टेंशन-फ्री ड्राइव

Updated:
विज्ञापन
maruti suzuki victoris hybrid

मारुति सुजुकी विक्टोरिस हाइब्रिड / फोटो मारुति सुजुकी की

लंबी दूरी तय करने वालों के लिए हाइब्रिड कारें शानदार विकल्प बन रही हैं. Honda City e:HEV से लेकर Grand Vitara और Camry Hybrid तक, ये मॉडल बेहतरीन माइलेज के साथ 1000KM से ज्यादा रेंज देने का दावा करते हैं.

विज्ञापन

भारत में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग स्टेशन की चिंता आज भी कई लोगों को परेशान करती है. ऐसे में हाइब्रिड कारें एक ऐसा विकल्प बनकर उभरी हैं, जो इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन दोनों का फायदा देती हैं. यही वजह है कि अब कई हाइब्रिड कारें एक बार टैंक फुल कराने पर 1,000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय करने का दावा कर रही हैं. बेहतर माइलेज, कम ईंधन खर्च और लंबी रेंज के कारण ये गाड़ियां भारतीय ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.

हाइब्रिड कारें क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?

हाइब्रिड तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम स्पीड पर कार मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक मोटर से चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन खुद सक्रिय हो जाता है. इससे ईंधन की खपत कम होती है और ड्राइविंग अनुभव भी बेहद स्मूद रहता है. शहर के ट्रैफिक में जहां सामान्य पेट्रोल कारें ज्यादा ईंधन खर्च करती हैं, वहीं हाइब्रिड मॉडल बेहतर माइलेज देने में सक्षम हैं.

1000KM से ज्यादा रेंज देने वाली हाइब्रिड कारें

भारतीय बाजार में कई ऐसे मॉडल मौजूद हैं जो लंबी दूरी तय करने की क्षमता रखते हैं. Honda City e:HEV अपने 40 लीटर टैंक और शानदार माइलेज के दम पर लगभग 1,000 किलोमीटर से ज्यादा चल सकती है.

वहीं Maruti Suzuki Invicto और Toyota Innova Hycross जैसे एमपीवी मॉडल बड़ी फैमिली के लिए बेहतरीन विकल्प हैं. इनकी अनुमानित रेंज 1,100 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है.

मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में Maruti Suzuki Grand Vitara और Toyota Urban Cruiser Hyryder भी काफी लोकप्रिय हैं. बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी के कारण ये 1,200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती हैं. Toyota Camry Hybrid और आने वाली Honda ZR-V जैसी कारें भी लंबी रेंज और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव का शानदार संयोजन पेश करती हैं.

कैसे बचाती हैं ईंधन?

हाइब्रिड कारों में कई स्मार्ट तकनीकें इस्तेमाल की जाती हैं. स्टार्टिंग के समय इलेक्ट्रिक मोटर काम करती है, जिससे पेट्रोल की खपत कम होती है. ब्रेक लगाने पर बनने वाली ऊर्जा बैटरी में स्टोर हो जाती है, जिसे रिजेनरेटिव ब्रेकिंग कहा जाता है.

इसके अलावा ट्रैफिक सिग्नल या लंबे स्टॉप के दौरान इंजन अपने आप बंद हो जाता है और बैटरी एसी तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को चलाती रहती है. इससे ईंधन की बर्बादी काफी कम हो जाती है.

EV और पेट्रोल कार के बीच का संतुलित विकल्प

जो लोग इलेक्ट्रिक कार की कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं करना चाहते, उनके लिए हाइब्रिड कारें एक संतुलित समाधान साबित हो रही हैं. ये कारें लंबी दूरी, बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन का ऐसा मिश्रण देती हैं, जो वर्तमान भारतीय परिस्थितियों में काफी व्यावहारिक माना जा रहा है.

भविष्य में और बढ़ेगी हाइब्रिड कारों की मांग

ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हाइब्रिड तकनीक का दायरा और बढ़ेगा. जैसे-जैसे ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यावरणीय नियम सख्त होंगे, वैसे-वैसे ग्राहक ऐसे वाहनों की तरफ आकर्षित होंगे जो कम खर्च में ज्यादा दूरी तय कर सकें. फिलहाल हाइब्रिड कारें उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही हैं, जो लंबी यात्राओं के दौरान रेंज की चिंता से बचना चाहते हैं.

यह भी पढ़ें: 10 साल तक बदलने की जरूरत नहीं, ऐसी हैं ₹15 लाख से सस्ती ये 5 कारें

विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola