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तुरंत ईरान छोड़ दो… US ने अपने नागरिकों को जारी की एडवाइजरी, क्या खामनेई के देश पर हमला करने वाले हैं ट्रंप?

US Advisory Leave Iran Now Amid Protests Donald Trump Plan: ईरान में महंगाई, आर्थिक संकट और शासन को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के चलते कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसके चलते अब तक कम से कम 599 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,681 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. अब ईरान में संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्चुअल दूतावास ने सोमवार को अमेरिकी नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए उनसे “तुरंत ईरान छोड़ने” की अपील की है.

US Advisory Leave Iran Now Amid Protests Donald Trump Plan: ईरान में संयुक्त राज्य अमेरिका के वर्चुअल दूतावास ने सोमवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए उनसे “तुरंत ईरान छोड़ने” की अपील की है. दूतावास ने चेतावनी दी कि देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ रहे हैं और इनके हिंसक होने की आशंका है, जिससे गिरफ्तारियाँ, लोगों के घायल होने और रोजमर्रा की जिंदगी में गंभीर व्यवधान पैदा हो सकता है. एडवाइजरी में कहा गया है कि ईरान के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शन, ईरानी अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच, हिंसा का रूप ले सकते हैं. अलर्ट में कहा गया, “ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो रहे हैं और हिंसक हो सकते हैं. इसके चलते गिरफ्तारियाँ और चोटें हो सकती हैं. बढ़े हुए सुरक्षा उपाय, सड़क बंदी, सार्वजनिक परिवहन में बाधाएं और इंटरनेट सेवाओं में रुकावटें जारी हैं.”

दूतावास ने यह भी बताया कि ईरान सरकार ने मोबाइल, लैंडलाइन और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क तक लोगों की पहुंच सीमित कर दी है. इसके अलावा यात्रा से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया गया. एडवाइजरी के अनुसार, कई एयरलाइनों ने ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर दिया है, जिनमें से कुछ ने शुक्रवार, 16 जनवरी तक अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं.

अमेरिकी नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील करते हुए अलर्ट में कहा, “अमेरिकी नागरिकों को लगातार इंटरनेट आउटेज की आशंका को ध्यान में रखते हुए संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए और यदि सुरक्षित हो, तो आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते जमीन से ईरान से बाहर निकलने पर विचार करना चाहिए.” दूतावास ने साफ शब्दों में कहा, “अभी ईरान छोड़ दें. ईरान से निकलने की ऐसी योजना बनाएं जो अमेरिकी सरकार की सहायता पर निर्भर न हो.” जो लोग फिलहाल ईरान नहीं छोड़ पा रहे हैं, उनके लिए दूतावास ने सुरक्षित स्थान पर रहने और जरूरी सामान इकट्ठा करने की सलाह दी है. इसमें कहा गया, “यदि आप बाहर नहीं जा सकते, तो अपने घर या किसी अन्य सुरक्षित इमारत में सुरक्षित स्थान तलाशें. भोजन, पानी, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार रखें.”

सतर्कता बनाए रखें, दोहरी नागरिकता वाले विशेष ध्यान रखें

इसके साथ ही दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को प्रदर्शनों से दूर रहने, कम प्रोफाइल बनाए रखने और अपने आसपास की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है. नागरिकों से स्थानीय मीडिया पर ध्यान देने और अपनी योजनाओं में लचीलापन बनाए रखने का भी आग्रह किया गया है. एडवाइजरी में अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर दोहरी नागरिकता रखने वालों के लिए गंभीर जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका-ईरान दोहरी नागरिकता वाले लोगों को ईरान से बाहर निकलते समय ईरानी पासपोर्ट का ही इस्तेमाल करना होगा, क्योंकि ईरानी सरकार दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देती और ऐसे लोगों को केवल ईरानी नागरिक के रूप में ही देखती है.

अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लेने का खतरा

दूतावास ने चेतावनी दी है कि ईरान में अमेरिकी नागरिकों को पूछताछ, गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने का बड़ा खतरा है. एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से संबंध प्रदर्शित करना ही ईरानी अधिकारियों के लिए किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का पर्याप्त कारण हो सकता है. यह एडवाइजरी ऐसे वक्त जारी की गई है, जब ईरान के कई प्रांतों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं. इनमें अजरबैजान प्रांत और मध्य ईरान का शहर अराक भी शामिल है. प्रेस टीवी के मुताबिक, इन इलाकों में भीड़ ने झंडे लहराए और ईरान के समर्थन में नारे लगाए.

क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?

ये विरोध प्रदर्शन और जवाबी प्रदर्शन महंगाई, आर्थिक संकट और शासन को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के चलते कई दिनों से जारी अशांति के बाद हो रहे हैं. ह्यूमन राइट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, अब तक कम से कम 599 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,681 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. 28 दिसंबर 2025 को राजधानी तेहरान में व्यापारियों के बंद से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गया है. इसे रोकने के लिए ईरानी सत्ता ने कड़ी कार्रवाइयां शुरू की हैं. इंटरनेट बंद कर दिया गया है. ऐसे में खबरें बहुत ही कम बाहर आ पा रही हैं. हालांकि, सोमवार को अल जजीरा को ईरान में रिपोर्टिंग की इजाजत मिल गई है. 

Karoline Leavitt
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट. फोटो- एक्स.

अमेरिका के पास क्या विकल्प हैं?

वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार (स्थानीय समय) को कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से निपटने के लिए “सभी विकल्प खुले” रखे हुए हैं, जिनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कूटनीति अब भी राष्ट्रपति की पहली प्राथमिकता बनी हुई है.

ईरान को लेकर पूछे गए सवाल पर और यह जानने पर कि क्या मौजूदा विरोध प्रदर्शन सैन्य हस्तक्षेप के बिना खत्म हो सकते हैं, लेविट ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप की एक बड़ी खासियत यह है कि वह हमेशा अपने सभी विकल्प खुले रखते हैं. हवाई हमले कमांडर-इन-चीफ के पास मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं, लेकिन कूटनीति हमेशा राष्ट्रपति के लिए पहला विकल्प होती है.”

उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने आप सभी से कल रात कहा था कि ईरानी शासन की ओर से सार्वजनिक रूप से जो बातें आप सुन रहे हैं, वे उन संदेशों से काफी अलग हैं, जो प्रशासन को निजी तौर पर मिल रहे हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति उन संदेशों को टटोलने और समझने में रुचि रखते हैं.” कैरोलिन लेविट ने आगे कहा कि ट्रंप ने यह भी दिखाया है कि वह “जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने से नहीं डरते, और यह बात ईरान से बेहतर कोई नहीं जानता.”

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की दी है चेतावनी

इधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि देश के खिलाफ किसी भी आक्रमण का जवाब देने के लिए ईरान की सशस्त्र सेनाएं, पूरे राष्ट्र के समर्थन के साथ, पूरी तरह तैयार हैं. ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में युद्ध की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में बघाई ने कहा कि तेहरान हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है और किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का मुकाबला करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, “हमारे राष्ट्र ने यह साबित किया है कि वह पूरी ताकत और पूर्ण साहस के साथ ईरान की अखंडता की रक्षा करता है. हमारी तैयारियां बेहद सावधानी के साथ, पल-पल बढ़ रही हैं और हमारी सशस्त्र सेनाएं, पहले की तरह, किसी भी आक्रामक कार्रवाई को नाकाम करने के लिए तैयार रहेंगी.” बघाई ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति को विदेशी हस्तक्षेप ने हवा दी है. उनका दावा था कि दंगे अमेरिका और इजरायल के अधिकारियों के “स्पष्ट रूप से हस्तक्षेपकारी” बयानों के बाद भड़के.

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Anant Narayan Shukla
Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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