US-ईरान युद्ध के बीच अरब सागर में ब्रिटेन ने तैनात की 'एटमी' सबमरीन, रिपोर्ट में दावा

Updated at : 22 Mar 2026 10:39 AM (IST)
विज्ञापन
UK Deploys Nuclear Submarine arabian sea iran war report reveals

तस्वीर न्यूक्लियर सबमरि 'HMS एंसन की है. इमेज सोर्स- @NavyLookout

UK Deploys Nuclear Submarine: ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच अपनी सबसे घातक परमाणु पनडुब्बी (Nuclear Submarine) 'HMS एंसन' को अरब सागर में तैनात कर दिया है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उठाया गया है. यह सबमरीन टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस है, जो ईरान के ठिकानों को तबाह करने की ताकत रखती है.

विज्ञापन

UK Deploys Nuclear Submarine: डेली मेल ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया है कि HMS एंसन पिछले महीने AUKUS समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी. वहां के पर्थ से 6 मार्च को निकलकर इसने लगभग 5,500 मील (8,850 किमी) की दूरी तय की और अब अरब सागर के उत्तरी हिस्से में अपनी पोजीशन ले ली है. हालांकि, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इस मिशन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

1000 मील तक सटीक निशाना लगाने में माहिर

ब्रिटेन की यह सबमरीन ‘एस्ट्यूट क्लास’ की है, जो दुनिया की सबसे एडवांस और ताकतवर अटैक सबमरीन मानी जाती है. इसमें टॉमहॉक ब्लॉक IV मिसाइलें और स्पीयरफिश टॉरपीडो लगे हैं. टॉमहॉक मिसाइल की रेंज 1,000 मील (1,600 किमी) है, यानी समंदर में रहकर ही यह ईरान के अंदरूनी हिस्सों पर हमला कर सकती है. रॉयल नेवी के पास इस समय एस्ट्यूट, एम्बुश, आर्टफुल और ऑडेशियस जैसी कुल पांच ऐसी मॉडर्न पनडुब्बियां हैं.

पीएम की इजाजत के बाद ही दबेगा बटन

रिपोर्ट के मुताबिक, मिशन की सीक्रेसी बनाए रखने के लिए यह सबमरीन 24 घंटे में सिर्फ एक बार पानी की सतह पर आती है ताकि लंदन में मौजूद ‘परमानेंट जॉइंट हेडक्वार्टर’ से संपर्क किया जा सके. मिसाइल दागने का कोई भी आदेश सीधा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ओर से दिया जाएगा. पहले स्टार्मर ने ब्रिटिश बेस के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन ईरान द्वारा सहयोगियों पर हमला करने के बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदल ली है.

डिएगो गार्सिया पर ईरानी मिसाइल अटैक से बढ़ा तनाव

शनिवार को ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के साझा सैन्य बेस ‘डिएगो गार्सिया’ को निशाना बनाने की कोशिश की. हालांकि, ईरान की दो मिसाइलें वहां तक नहीं पहुंच पाईं, लेकिन इससे यह साफ हो गया है कि ईरान के पास अब लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें हैं. इजरायली सेना के प्रमुख एयाल ज़मीर का दावा है कि ये मिसाइलें सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि बर्लिन, पेरिस और रोम जैसे यूरोपीय शहरों तक भी पहुंच सकती हैं.

ये भी पढ़ें: ईरान का दावा: इजरायल का डिफेंस फेल, डिमोना हमले के बाद कहा- आसमान पर हमारा कब्जा

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की घेराबंदी

ब्रिटेन का यह एक्शन ऐसे समय में आया है जब ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की नाकाबंदी कर दी है. यह रास्ता ग्लोबल क्रूड ऑयल सप्लाई के लिए बेहद जरूरी है. ब्रिटेन समेत 22 देशों ने ईरान के इस कदम की कड़ी निंदा की है. अमेरिका को अब ब्रिटेन ने अपने डिएगो गार्सिया और आरएएफ फेयरफोर्ड बेस इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है ताकि ईरान के मिसाइल ठिकानों को खत्म किया जा सके.

ये भी पढ़ें:- ईरान को ट्रंप की चेतावनी: 48 घंटे में खोलें होर्मुज की खाड़ी, वरना मिट जाएंगे पावर प्लांट्स

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola