8.6 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

वो कुर्सी पर बैठे और नोबेल ले गए, मैंने जंगें रुकवाई फिर भी नहीं मिला, ट्रंप फिर अलापने लगे भारत-पाक युद्ध रुकवाने का राग

Nobel Peace Prize Obama Criticism: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है. भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव टालने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में उनसे ज्यादा नोबेल पुरस्कार का हकदार कोई नहीं है. ट्रंप ने बराक ओबामा के नोबेल पुरस्कार पर सवाल उठाया और आठ युद्धों को रोकने के अपने दावे को दोहराया है. भारत पहले ही तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को खारिज कर चुका है.

Trump Nobel Peace Prize Obama Criticism: डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर गुस्सा एक बार फिर सामने आया है. उनका कहना है कि उन्हें इतिहास में सबसे ज्यादा इस पुरस्कार का हक है, लेकिन फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया गया. ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तंज कसते हुए कहा कि ओबामा को तो बिना कुछ किए ही नोबेल दे दिया गया, जबकि उन्होंने खुद कई बड़ी जंगें रुकवाई हैं. शुक्रवार को वेनेजुएला के तेल भंडारों को लेकर अमेरिका में तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई. इसी बैठक के दौरान ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का मुद्दा छेड़ दिया और खुद को उसका सबसे बड़ा हकदार बताया. उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पसंद करें या न करें, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने कई युद्ध रुकवाए हैं.

भारत-पाक संघर्ष रुकवाने का फिर दावा

इसी बातचीत में ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा संघर्ष रुकवाया था. उनके मुताबिक, पिछले साल मई में हालात इतने खराब हो गए थे कि आसमान में आठ विमान मार गिराए गए थे. हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कुल आठ बड़ी जंगें रुकवाई हैं. उनके मुताबिक, कुछ जंगें 36 साल से चल रही थीं, कुछ 32, 31, 28 और 25 साल पुरानी थीं. उन्होंने कहा कि कुछ लड़ाइयां तो शुरू होने ही वाली थीं, जैसे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव, जहां हालात बहुत तेजी से बिगड़ रहे थे.

शहबाज शरीफ का नाम लेकर किया दावा

ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद उन्हें इसका श्रेय दिया था. ट्रंप के मुताबिक, जब शहबाज शरीफ पिछले साल व्हाइट हाउस आए थे, तो उन्होंने कहा था कि भारत-पाक संघर्ष रुकवाकर ट्रंप ने लाखों लोगों की जान बचाई है. ट्रंप इससे पहले भी कई बार ऐसा दावा कर चुके हैं. पिछले साल 10 मई को उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अमेरिका की मध्यस्थता से बातचीत हुई और इसके बाद भारत और पाकिस्तान “तत्काल और पूरी तरह” संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए.

भारत ने तीसरे पक्ष की भूमिका से किया इनकार

हालांकि भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज किया है. भारत का साफ कहना है कि संघर्ष विराम में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी और फैसला दोनों देशों के बीच आपसी बातचीत से हुआ था. भारत-पाक तनाव की शुरुआत 22 अप्रैल को हुई, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए 6 और 7 मई की दरम्यानी रात को ऑपरेशन ‘सिंदूर’ शुरू किया. ऑपरेशन के बाद चार दिनों तक दोनों देशों के बीच जोरदार हमले होते रहे. आखिरकार 10 मई को भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए. भारत लगातार कहता रहा है कि इस फैसले में किसी तीसरे देश की कोई दखल नहीं थी.

Trump Nobel Peace Prize Obama Criticism in Hindi: नोबेल को लेकर ओबामा पर सीधा हमला

ट्रंप ने 2009 में ओबामा को मिले नोबेल शांति पुरस्कार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ओबामा को राष्ट्रपति बनते ही यह पुरस्कार मिल गया, जबकि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया था. ट्रंप ने यहां तक कहा कि ओबामा खुद भी नहीं जानते कि उन्हें नोबेल क्यों दिया गया. ट्रंप का कहना है कि दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद सिर्फ आठ महीनों में उन्होंने आठ जंगें रुकवाई हैं और इसके बावजूद उन्हें नोबेल नहीं मिला. उनका मानना है कि इतिहास में उनसे ज्यादा इस पुरस्कार का हकदार कोई नहीं है.

ये भी पढ़ें:

भारत से पहले EU की मर्कोसुर के साथ ट्रेड डील फाइनल, 25 साल चली टॉक, अब बनी बात, जानें ये कौन से देश हैं?

अमेरिका-तुर्की नेतन्याहू को किडनैप करें, पाकिस्तानी मंत्री की डिमांड, फिर कहा कुछ ऐसा कि एंकर ने भगा ही दिया

Govind Jee
Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel