Pakistan Minister demands Benjamin Netanyahu Abduction: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान से इंटरनेशनल पॉलिटिक्स में तहलका मचा दिया है. उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में अमेरिका और तुर्की से अपील की है कि वे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “अगवा” करें. उनकी यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की कार्रवाई के संदर्भ में आई. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को नेतन्याहू के साथ भी ऐसा ही करना चाहिए. आसिफ ने गाजा में की गई कार्रवाइयों को लेकर नेतन्याहू को “मानवता का सबसे बड़ा अपराधी” बताया. इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नेतन्याहू का समर्थन करने वाले देशों को भी सजा देनी चाहिए. उनका इशारा साफ तौर पर अमेरिका और ट्रंप की ही ओर था, लेकिन इसी बीच एंकर ने उन्हें रोक दिया.
जियो न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान टीवी एंकर हामिद मीर से बातचीत में ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका इजरायली प्रधानमंत्री को अगवा करेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं. उन्होंने कहा, “नेतन्याहू मोस्ट वांटेड अपराधी है. अमेरिका को उसे अगवा कर अदालत में पेश करना चाहिए. अगर अमेरिका वास्तव में मानवता का दोस्त है, तो उसे ऐसा करना चाहिए.”
जब एंकर ने यह संभावना जताई कि तुर्की नेतन्याहू को अगवा कर अंकारा ला सकता है, तो आसिफ ने कहा, “तुर्की नेतन्याहू को अगवा कर सकता है और हम पाकिस्तानी इसके लिए दुआ कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार-पांच हज़ार वर्षों में किसी भी समुदाय ने फिलस्तीनियों के साथ वह नहीं किया, जो इजरायल ने किया है. वह (नेतन्याहू) मानवता का सबसे बड़ा अपराधी है. दुनिया ने इससे बड़ा अपराधी नहीं देखा.” (Khawaja Asif calls on US Turkey to Kidnap Benjamin Netanyahu)

एंकर ने अचानक इंटरव्यू रोका
इंटरव्यू के दौरान एक ऐसा पल आया जब ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि नेतन्याहू का समर्थन करने वालों को भी सज़ा मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, “और जो लोग उसका समर्थन कर रहे हैं, कानून उनके बारे में क्या कहता है…?” इस पर एंकर ने टिप्पणी की गंभीरता को समझते हुए तुरंत ब्रेक ले लिया. हामिद मीर ने कहा, “ख्वाजा साहब, मैं यहां ब्रेक ले रहा हूं क्योंकि आप पाकिस्तान के रक्षा मंत्री हैं… आपकी बातों को सुनकर बहुत से लोग सोच सकते हैं कि आप (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड) ट्रंप की बात कर रहे हैं. मुझे नहीं पता आप किसकी ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन मैं ब्रेक लेता हूं.”
अमेरिका से रिश्ते सुधारने की कोशिश में ख्वाजा आसिफ आउट, डैमेज कंट्रोल की कोशिश
न्यूज शो के अंत में एंकर ने कहा कि ब्रेक के बाद ख्वाजा आसिफ को दोबारा ऑन एयर नहीं रखा जाएगा. माना जा रहा है कि यह डैमेज कंट्रोल इसलिए किया गया, क्योंकि पाकिस्तान हाल के महीनों में अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को फिर से सुधारने की कोशिश कर रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के साथ हुए संघर्ष के बाद से पाकिस्तान ने कई बार सार्वजनिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की है, यहां तक कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन देने की बात भी कही है.
इजरायल और फिलस्तीन पर पाकिस्तान का रुख
पाकिस्तान ने कभी भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है और गाज़ा में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों का लगातार विरोध करता रहा है. पाकिस्तान स्वतंत्र फिलस्तीनी राज्य का पुरजोर समर्थन करता है और वह उन गिने-चुने मुस्लिम देशों में शामिल है, जिनके पासपोर्ट पर इजरायल की यात्रा पर स्पष्ट प्रतिबंध दर्ज है. वहीं, गाजा में डोनाल्ड ट्रंप के 20 पॉइंट पीस प्लान को लागू करने के लिए एक स्थिरीकरण सेना रखी जानी है. इसमें पाकिस्तानी आर्मी को भी तैनात करने की बात चल रही है, हालांकि इजरायल इसे लेकर सहज नहीं है.
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