इजरायल-लेबनान सीजफायर: ट्रंप के आगे झुके नेतन्याहू, लेबनानी सांसद बोले- ईरान ने किया मजबूर

Published by :Govind Jee
Published at :17 Apr 2026 11:23 AM (IST)
विज्ञापन
Trump iran pressure Israel Lebanon Ceasefire Deal

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू.

Israel-Lebanon Ceasefire Deal: लेबनान और इजरायल के बीच 10 दिनों के युद्धविराम पर हिजबुल्लाह और हमास ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि यह समझौता इजरायल की सैन्य मजबूरी और ईरान के दबाव का नतीजा है. जहां ट्रंप इसे शांति की बड़ी शुरुआत मान रहे हैं, वहीं नेतन्याहू ने सेना हटाने से साफ इनकार कर दिया है.

विज्ञापन

Israel-Lebanon Ceasefire Deal: लेबनान के सांसद हुसैन हज हसन ने दावा किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच जो 10 दिनों का सीजफायर हुआ है, वह ईरान के दबाव का नतीजा है. ईरानी सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, हसन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रभाव के आगे झुक गए और उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इस समझौते के लिए मजबूर किया.

हिजबुल्लाह से जुड़े ‘लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस’ गुट के सदस्य हसन ने लेबनानी संसद में बोलते हुए चेतावनी भी दी. उन्होंने कहा कि दुश्मन ‘धोखेबाज’ है, इसलिए हमें सावधान रहना होगा क्योंकि वे पहले भी सीजफायर का उल्लंघन कर चुके हैं.

हमास ने इजरायल को बताया कमजोर

ईरानी मीडिया ‘IRIB’ के मुताबिक, हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने इस सीजफायर पर टिप्पणी करते हुए इसे इजरायल की सैन्य कमजोरी बताया. कासिम का कहना है कि लेबनान में सीजफायर होना इस बात का सबूत है कि इजरायल अपने लक्ष्यों को हासिल करने में नाकाम रहा है. यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हालिया सैन्य टकराव के बाद सामने आया है.

ट्रंप ने किया 10 दिनों के सीजफायर का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को जानकारी दी कि इजरायल और लेबनान 10 दिनों के अस्थायी युद्धविराम के लिए तैयार हो गए हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बहुत अच्छी बात की है. दोनों नेता शांति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शाम 5 बजे (EST) से 10 दिनों के सीजफायर पर सहमत हुए हैं.

नेतन्याहू ने रखी अपनी शर्तें

एक तरफ ट्रंप शांति की उम्मीद जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह नहीं हटेगी. नेतन्याहू ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वे 10 किलोमीटर के ‘सुरक्षा घेरे’ में बने रहेंगे ताकि घुसपैठ और मिसाइल हमलों को रोका जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य हिजबुल्लाह को निहत्था करना और अपनी ताकत के दम पर शांति समझौता करना है.

ये भी पढ़ें: ईरान की समुद्री नाकाबंदी: अरब सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन तैनात; ट्रंप बोले- यह रूटीन ऑपरेशन

सीजफायर के बीच भी जारी है हलचल

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘NNA’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीजफायर लागू होने के कुछ समय बाद ही दक्षिणी लेबनान के खियाम और डिबाइन जैसे इलाकों में इजरायली गोलाबारी और हवाई निगरानी की खबरें आईं. इजरायली सेना ने भी कहा है कि वह सीमा पर पूरी तरह अलर्ट है. हालांकि, सीजफायर शुरू होने की खुशी में बेरूत के कुछ हिस्सों में लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न भी मनाया. ट्रंप को उम्मीद है कि अगले एक-दो हफ्तों में दोनों देशों के बीच व्हाइट हाउस में ऐतिहासिक बैठक हो सकती है.

ये भी पढ़ें: ईरान से डील या सीधे वार? ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत, उधर बंदरगाहों पर US ने तैनात किए 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola