परमाणु संकट पर IAEA प्रमुख का बयान, ईरान का यूरेनियम हटाना आसान नहीं

राफेल मारियानो ग्रोसी (Photo: X, @rafaelmgrossi)
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के बावजूद ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को दूसरी जगह भेजा जा सकता है. इसी मुद्दे पर ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत में सबसे बड़ा पेंच फंसा हुआ है.
राफेल ग्रोसी ने कहा कि ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजना आसान काम नहीं होगा, क्योंकि इसमें कई तकनीकी चुनौतियां हैं. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि यह काम संभव है. वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत भी लगातार जारी है. अल जजीरा से बातचीत में ग्रोसी ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम के भंडार को दूसरी जगह ले जाना “मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं.” उन्होंने बताया कि यह इस तरह से रखी गई है कि इसका सुरक्षित एक जगह से दूसरी ले जाना काफी चुनौतीपूर्ण होगा.
अनुमान है कि ईरान के पास करीब 440 किलोग्राम यूरेनियम है, जिसे लगभग 60 प्रतिशत तक संवर्धित (Enriched) किया गया है. यह स्तर परमाणु हथियारों में इस्तेमाल होने वाले 90 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम के काफी करीब माना जाता है, इसलिए इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है.
संवर्धित यूरेनियम गैस के रूप में मौजूद
ग्रोसी ने कहा कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है, क्योंकि संवर्धित यूरेनियम गैस के रूप में मौजूद है और बेहद संवेदनशील के अलावा खतरनाक सामग्री मानी जाती है. ऐसे में इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना बड़ी तकनीकी चुनौती है. उन्होंने बताया कि यूरेनियम को कम संवर्धित रूप में बदलने यानी “डाउनब्लेंडिंग” जैसे विकल्पों पर भी चर्चा चल रही है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी परमाणु वार्ता में IAEA सीधे तौर पर शामिल नहीं है. एजेंसी की भूमिका निगरानी और सत्यापन की है.
IAEA ईरान और अमेरिका के संपर्क में
IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा कि एजेंसी ईरान और अमेरिका, दोनों के साथ अलग-अलग संपर्क में है. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश बातचीत को सफल और व्यावहारिक बनाने की है, ताकि दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते का रास्ता आसान हो सके.
यह भी पढ़ें : क्या ईरान के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा? IRGC का बढ़ रहा था दबाव; सरकार ने दिया ये जवाब
डोनाल्ड ट्रंप की क्या है मांग?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर मांग की है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ दे. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर इसे “न्यूक्लियर डस्ट” बताया. उन्होंने कहा कि या तो इसे अमेरिका को सौंपकर नष्ट किया जाए या फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में खत्म किया जाए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अमिताभ कुमार
अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.
अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.
प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










