भारत के ‘चिकन नेक’ के पास पहुंचा चीन, बांग्लादेश के तीस्ता प्रोजेक्ट में करेगा बड़ी इन्वेस्टमेंट; एम्बेसडर बोले- जल्द शुरू होगा काम

Author Govind jee
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तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश-चीन साथ: सिलीगुड़ी कॉरिडोर के करीब पहुंचे चीनी एम्बेसडर

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भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच चीन ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के करीब तीस्ता नदी प्रोजेक्ट का तकनीकी दौरा किया है. यूनुस सरकार और चीन मिलकर तीस्ता मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की तैयारी में हैं. जानें, भारत की सुरक्षा और जल विवाद के लिहाज से चीन की यह बढ़ती एक्टिविटी कितनी अहम है.

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भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास के बीच चीन के बांग्लादेश में राजदूत याओ वेन ने सोमवार को तीस्ता नदी प्रोजेक्ट एरिया का दौरा किया. यह इलाका भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, के काफी नजदीक है. यही 22 किलोमीटर चौड़ी पतली पट्टी भारत के मुख्य हिस्से को पूर्वोत्तर राज्यों (Northeastern States) से जोड़ती है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि यह दौरा तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और सुधार से जुड़ी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे टेक्निकल असेसमेंट का हिस्सा है.

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तीस्ता मास्टर प्लान पर चीन की रुचि

दौरे के दौरान जल संसाधन सलाहकार (Water Resources Advisor) सैयदा रिजवाना हसन भी चीनी एम्बेसडर के साथ थीं. यह दौरा रंगपुर के तेपामधुपुर तालुक के शाहबाजपुर इलाके में हुआ. हसन ने बताया कि चीन तीस्ता मास्टर प्लान पर जल्द काम शुरू करना चाहता है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और चीन दोनों इस योजना को लागू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी जांच की प्रोसेस पूरी नहीं हुई है, इसलिए फिलहाल काम शुरू नहीं हो सकता.

भारत और बांग्लादेश के लिए क्यों अहम है तीस्ता

तीस्ता नदी बांग्लादेश के उत्तरी इलाकों में खेती और लोगों की रोजी-रोटी के लिए बहुत जरूरी है. वहीं भारत में, खासकर पश्चिम बंगाल के लिए भी यह नदी उतनी ही अहम है. इसी वजह से तीस्ता के पानी को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच कई सालों से बातचीत चल रही है. लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्तियों के चलते अब तक कोई पक्का समझौता नहीं हो सका है.

ढाका में बैठक और चीन का सपोर्ट

रविवार को चीनी एम्बेसडर याओ वेन और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान के बीच बैठक हुई थी. इसके बाद मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि दोनों देशों ने आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा की और दोस्ती व डेवलपमेंट सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही. इसमें तीस्ता परियोजना और प्रस्तावित बांग्लादेश-चीन फ्रेंडशिप हॉस्पिटल भी शामिल था. 

चीन ने टेक्निकल असेसमेंट को जल्दी पूरा करने और बांग्लादेश में चल रहे लोकतांत्रिक बदलाव (डेमोक्रेटिक चेंज) के समर्थन की बात भी दोहराई. यूनुस को 2024 में मुख्य सलाहकार बनाया गया था और 2025 में चीन दौरे के दौरान उन्होंने बांग्लादेश की रणनीतिक स्थिति ( स्ट्रैटेजिक सिचुएशन) का जिक्र करते हुए इकोनॉमिक डेवलपमेंट पर जोर दिया था.

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