अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर गिराने का लिया बदला, ईरान के ऊपर किए ताबड़तोड़ हमले, तेहरान ने फिर दी चेतावनी

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 10 Jun 2026 7:24 AM

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अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर गन के साथ सैनिक. फोटो- एक्स (Centcom).

US Strikes Iran: अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया. यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने के बाद की गई है. अमेरिका ने अपाचे क्रैश के लिए ईरान के हमले को जिम्मेदार बताया. इस ताजा हमले के बाद ईरान ने फिर से अमेरिका को चेतावनी दी है.

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US Strikes Iran: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बाद कि ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी. जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिया जाएगा.

दक्षिणी ईरान में कई जगह विस्फोटों की खबर

अमेरिकी हमलों के बाद बुधवार तड़के दक्षिणी ईरान के कई इलाकों से विस्फोटों की सूचना सामने आई. अमेरिकी सैन्य अभियान केवल एक स्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के आसपास कई क्षेत्रों तक फैला हुआ था. ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि होर्मोजगान प्रांत के पूर्वी हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं. वहीं मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार बंदर अब्बास शहर में भी विस्फोट हुए. 

ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी पुष्टि की कि सीरिक क्षेत्र में किसी प्रोजेक्टाइल के टकराने की घटना हुई है. इसके अलावा केश्म द्वीप पर भी हमले की सूचना दी गई. केश्म पर तो 6 धमाकों की आवाज सुनाई दी. यह सभी हमले ड्रोन से नहीं, बल्कि फाइटर जेट से किए गए.

हेलीकॉप्टर गिराए जाने के दावे से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिकी प्रशासन ने आरोप लगाया कि ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर को एक ईरानी ड्रोन ने मार गिराया, जब वह होर्मुज के ऊपर, ओमान के तट पर गश्त कर रहा था. 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों अमेरिकी पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. उन्हें ओमान के पास एक ड्रोन बोट से बचाया गया. उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका इस घटना का जवाब देगा. अमेरिकी सेना ने बाद में बयान जारी कर कहा कि यह कार्रवाई ‘ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ अनुपातिक जवाब’ है.

अमेरिका ने ईरानी एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को बनाया निशाना

कार्रवाई के दौरान एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद ईरान के कई एयर डिफेंस सिस्टम और रडार प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस सैन्य अभियान को ‘आत्मरक्षा में उठाया गया कदम’ बताया. उसके अनुसार यह कार्रवाई अमेरिकी हेलीकॉप्टर को गिराए जाने की घटना के जवाब में की गई.

ईरानी विदेश मंत्री ने दी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हेलीकॉप्टर वाली घटना पर सीधे टिप्पणी नहीं की, लेकिन क्षेत्र में मौजूद विदेशी सैन्य बलों को चेतावनी जरूर दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ईरान के आसपास काम कर रही विदेशी सैन्य ताकतों को हमेशा दुर्घटनाओं, गलत आकलन या क्रॉसफायर का खतरा बना रहता है. यदि वे जोखिम कम करना चाहते हैं तो सबसे अच्छा समाधान यह है कि वे इस क्षेत्र को छोड़ दें.’

अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान का और सख्त संदेश

अमेरिकी कार्रवाई के बाद अब्बास अराघची ने एक और बयान जारी कर वॉशिंगटन को आगे सैन्य कदम उठाने से सावधान किया. उन्होंने कहा, ‘युद्धक्षेत्र में मिली असफलताओं के बावजूद अमेरिका ने ईरान के संकल्प की परीक्षा लेने का फैसला किया है. हमारी सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी को बिना जवाब नहीं छोड़ेंगी.’

उन्होंने विदेशी सेनाओं को क्षेत्र छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि यदि वे सुरक्षित रहना चाहते हैं तो उन्हें यहां से जाना चाहिए. अराघची ने फारस की खाड़ी के इतिहास का भी उल्लेख किया और कहा कि यह क्षेत्र ‘बाहरी हस्तक्षेप करने वालों के दुखद अंजाम’ के कई उदाहरणों का गवाह रहा है. इसे अमेरिकी हमलों के बाद दी गई सीधी चेतावनी माना जा रहा है.

ईरान ने पहले ही किया था जवाबी कार्रवाई का संकेत

अमेरिकी हमलों से पहले ईरान के सरकारी मीडिया ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से दावा किया था कि पिछले 24 घंटों के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर से कोई आक्रामक हवाई अभियान नहीं चलाया गया. सैन्य सूत्र ने साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि हेलीकॉप्टर प्रकरण को आधार बनाकर ईरान के खिलाफ कोई नई सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका ‘निर्णायक जवाब’ दिया जाएगा.

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वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव फिर से गंभीर सैन्य झड़प शुरू कर सकता है. फिलहाल दोनों पक्ष स्थायी शांति का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अगर स्थिति और बिगड़ती है तो पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है. ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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