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अमेरिका ग्रीनलैंड में भेजेगा एयरक्राफ्ट, NORAD ने दी जानकारी, क्या ट्रंप ग्रीनलैंड में मिलिट्री एक्शन लेने जा रहे हैं?

20 Jan, 2026 7:24 am
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US sends Military Aircraft to Greenland amid tensions over Donald Trump’s takeover push.

ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर अमेरिका अपना मिलिट्री जहाज भेजेगा.

ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर अमेरिका ने अपने नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड से मिलिट्री एयरक्राफ्ट भेजने का फैसला किया है. यह घटनाक्रम डोनाल्ड ट्रंप की डेनमार्क के नियंत्रण वाले इस द्वीप को लेने की तमाम कोशिशों के बाद हो रहा है.

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अमेरिका और डेनमार्क के बीच ग्रीनलैंड को लेकर माहौल गरमाया हुआ है. इसी बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए अपनी सुरक्षा एजेंसी नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) का एक जहाज ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर भेजने का फैसला किया है. NORAD ने साफ किया है कि यह विमान किसी नई कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि पहले से तय की गई गतिविधियों के लिए भेजा जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह सब कुछ डेनमार्क और ग्रीनलैंड की जानकारी और सहमति से हो रहा है.

NORAD ने सोशल मीडिया पर बताया कि जल्द ही उनके विमान ग्रीनलैंड पहुंचेंगे. ये विमान अमेरिका और कनाडा से उड़ान भरने वाले दूसरे विमानों के साथ मिलकर काम करेंगे. NORAD का कहना है कि यह कदम अमेरिका, कनाडा और डेनमार्क के बीच लंबे समय से चले आ रहे सुरक्षा सहयोग का हिस्सा है. कमांड ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में जरूरी अनुमति ली गई है और ग्रीनलैंड की सरकार को भी पहले से इसकी जानकारी दी गई है. उन्होंने आगे कहा कि सभी सहायक बल आवश्यक डिप्लोमैटिक मंजूरियों के तहत काम कर रहे हैं. 

अमेरिका ऐसे अभ्यास करता रहता है

NORAD आमतौर पर उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा के लिए ऐसे अभ्यास करता रहता है. इसके तहत अलास्का, कनाडा और अमेरिका में समय-समय पर विमान और सैनिक तैनात किए जाते हैं. वहीं, अमेरिका की ओर से जहाज भेजना का यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब डेनमार्क की अगुवाई में ग्रीनलैंड में एक बड़ा मिलिट्री एक्सरसाइज हुआ है. इस एक्सरसाइज में कई यूरोपीय देशों ने हिस्सा लिया. जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने अपने कुछ सैनिक वहां भेजे थे. मकसद था आर्कटिक इलाके की सुरक्षा पर ध्यान देना. 

अमेरिका का पिटुफिक स्पेस बेस. फोटो- एक्स (@duck0fd3ath24)

हालांकि, अमेरिका के साथ डेनमार्क का तनाव है, लेकिन उसने इस अभ्यास में अमेरिका को भी शामिल होने का न्योता दिया था. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर डेनमार्क ग्रीनलैंड बेचने को तैयार नहीं हुआ, तो अमेरिका डेनमार्क और दूसरे यूरोपीय देशों पर टैक्स बढ़ा देगा. इसमें ब्रिटेन भी शामिल है.

ट्रंप ने यूरोप पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी भी दी है

ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि चीन और रूस भी इस इलाके में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उन्होंने बातचीत की बात तो कही है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है. ट्रंप ने कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो 1 फरवरी 2026 से 10 फीसदी और 1 जून 2026 से 25 फीसदी तक टैक्स बढ़ा दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने सालों तक डेनमार्क की मदद की है और अब “ग्रीनलैंड लौटाने का वक्त आ गया है.”

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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