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Afghanistan News: अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर तालिबान का कब्जा, अब काबुल अगला टारगेट

Updated at : 13 Aug 2021 9:17 AM (IST)
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Afghanistan News: अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर तालिबान का कब्जा, अब काबुल अगला टारगेट

Ghazni: Taliban fighters patrol inside the city of Ghazni, southwest of Kabul, Afghanistan, Thursday, Aug. 12, 2021. The Taliban captured the provincial capital near Kabul on Thursday, the 10th the insurgents have taken over a weeklong blitz across Afghanistan as the U.S. and NATO prepare to withdraw entirely from the country after decades of war. AP/PTI(AP08_12_2021_000195B)

Afghanistan News - प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक सरकारी इमारत से भीषण गोलीबारी की आवाजें आयी जबकि तालिबान के कब्जे में आने के बाद से शहर के बाकी हिस्से में शांति है.

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  • काबुल 30 दिन के अंदर चरमपंथियों के दबाव में आ सकता है

  • अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा

  • हेरात पर कब्जा तालिबान के लिए अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है

Afghanistan News : अफगानिस्तान में जारी खूनी संघर्ष के बीच तालिबान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा कर लिया है. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, तालिबान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने एक और प्रांतीय राजधानी कंधार पर कब्जा करने का काम किया है. अब सिर्फ राजधानी काबुल शेष है. यहां चर्चा कर दें कि काबुल के बाद कंधार ही अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है.

खबरों की मानें तो कंधार पूरी तरह से जीत लिया गया है. मुजाहिदीन शहर में शहीद चौक पर नजर आ रहा है. तालिबान के आतंकी काबुल से लगभग 150 किमी की दूरी पर स्थित गजनी और ईरान सीमा के पास स्थित हेरात पर पहले ही कब्जा करने का काम कर चुके हैं. माना जा रहा है कि ये आतंकी अब कभी भी काबुल पर हमला करके वहां अपना अधिकार कर सकते हैं.

इससे पहले अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो बलों की वापसी के बीच तालिबान ने गुरुवार को काबुल के निकट सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एक और प्रांतीय राजधानी तथा देश के तीसरे सबसे बड़े शहर हेरात पर कब्जा कर लिया. इसे मिलाकर तालिबान अब तक 34 प्रांतीय राजधानियों में से 11 पर कब्जा कर चुका है. हेरात पर कब्जा तालिबान के लिए अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी है.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक सरकारी इमारत से भीषण गोलीबारी की आवाजें आयी जबकि तालिबान के कब्जे में आने के बाद से शहर के बाकी हिस्से में शांति है. वहीं, गजनी पर तालिबान के कब्जे के साथ अफगानिस्तान की राजधानी को दक्षिणी प्रांतों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण राजमार्ग कट गया है.

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अमेरिका और नाटो के सैनिक करीब 20 साल पहले अफगानिस्तान आये थे और उन्होंने तालिबान सरकार को अपदस्थ किया था. अब अमेरिकी बलों की पूरी तरह वापसी से कुछ सप्ताह पहले तालिबान ने गतिविधियां बढ़ा दी हैं. फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से काबुल पर कोई खतरा नहीं है लेकिन तालिबान की देश के करीब दो तिहाई हिस्से पर पकड़ मजबूत होती दिख रही है. हजारों लोग घर छोड़कर जा चुके हैं क्योंकि उन्हें डर है कि एक बार फिर तालिबान का दमनकारी शासन आ सकता है.

अमेरिकी सेना का ताजा खुफिया आकलन बताता है कि काबुल 30 दिन के अंदर चरमपंथियों के दबाव में आ सकता है और मौजूदा स्थिति बनी रही तो कुछ ही महीनों में पूरे देश पर नियंत्रण हासिल कर सकता है. संभवत: सरकार राजधानी और कुछ अन्य शहरों को बचाने के लिए अपने कदम वापस लेने पर मजबूर हो जाए क्योंकि लड़ाई के कारण विस्थापित हजारों लोग काबुल भाग आए हैं और खुले स्थानों और उद्यानों में रह रहे हैं। दक्षिणी अफगानिस्तान के लश्कर गाह में भी भीषण जंग चल रही है.

अगर तालिबान का हमला जारी रहा तो अफगानिस्तान सरकार को आने वाले दिनों में राजधानी और कुछ अन्य शहरों की रक्षा के लिए पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.

भाषा इनपुट के साथ

Posted By : Amitabh Kumar

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