अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ का दावा: ईरान ने सीजफायर के लिए मांगी भीख, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में US को मिली जीत

Updated at : 08 Apr 2026 7:28 PM (IST)
विज्ञापन
Pete Hegseth claims us victory iran ceasefire operation epic fury

तस्वीर में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ.

Pete Hegseth: अमेरिकी हमले के बाद ईरान घुटनों पर आ गया है. 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में मची तबाही के बीच दोनों देशों में दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ है. अब पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में बड़ी बैठक होगी, जहां जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधि शांति समझौते को लेकर बातचीत की मेज पर आमने-सामने होंगे.

विज्ञापन

Pete Hegseth: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) पर समझौता हो गया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि ईरान ने खुद युद्ध रोकने की गुहार (भीख) लगाई है. हेगसेथ के मुताबिक, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में अमेरिका को ऐतिहासिक जीत मिली है. अमेरिकी हमलों ने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और वह अब अगले कई सालों तक युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है.

मंगलवार रात ईरान पर गिरे 800 बम

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जानकारी दी कि मंगलवार की रात अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर 800 हमले किए. इन हमलों में ईरान का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस पूरी तरह तबाह हो गया है. वहां की फैक्ट्रियां अब मलबे में तब्दील हो चुकी हैं. हेगसेथ ने यह दावा भी किया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई इन हमलों में घायल हो गए हैं, हालांकि उन्होंने इसका कोई सबूत पेश नहीं किया.

ट्रंप ने दिखाया ‘रहम’

रक्षा मंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को चंद मिनटों में खत्म करने की ताकत थी, लेकिन उन्होंने रहम दिखाया. उन्होंने उन ठिकानों को छोड़ दिया क्योंकि ईरान भारी दबाव के बीच सीजफायर के लिए तैयार हो गया. हेगसेथ ने कहा कि नई ईरानी सरकार समझ गई थी कि युद्ध जारी रखने से बुरा अंजाम होगा, जैसा उनके पूर्वजों के साथ हुआ था.

पाकिस्तानी लीडरशिप की अपील पर रुका हमला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर की गुजारिश पर बमबारी रोकने का फैसला किया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने लगभग सभी सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब ईरान के साथ लंबे समय तक शांति के लिए बातचीत की जा रही है.

होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त

ट्रंप ने साफ किया कि यह दो हफ्ते का सीजफायर तभी काम करेगा जब ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोल देगा. ईरान पिछले काफी समय से विवादित मुद्दों पर झुकने को तैयार हो गया है. अब शुक्रवार को इस्लामाबाद में बातचीत होगी, जिसमें अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ शामिल होंगे.

ये भी पढ़ें: ईरान को हथियार दिए तो खैर नहीं, ट्रंप लगाएंगे 50% टैरिफ; न्यूक्लियर कचरा हटाने पर भी सख्त पाबंदी

ईरान का पलटवार: हमला रुका तो हम भी रुकेंगे

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उनकी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी. ईरान ने भी दो हफ्ते के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ते की अनुमति दे दी है. फिलहाल दोनों पक्ष युद्ध रोककर बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें : ईरान युद्ध : सीजफायर में बाधा बन सकते हैं ये 3 कारण, क्या स्थायी शांति कायम कर पाएगी शांतिवार्ता

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola