ईरान की चेतावनी: नेतन्याहू-ट्रंप के झांसे में आकर बच्चों को मौत के मुंह में न धकेलें, हमलावर सैनिक डूबकर गायब हो जाएंगे

तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
Iran Warns: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी जारी की है. IRGC ने कहा है कि अगर ईरानी धरती पर जमीनी हमला (ग्राउंड ऑपरेशन) करने की कोशिश की गई, तो अंजाम बहुत बुरा होगा.
Iran Warns: IRGC ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिकी लोग नेतन्याहू और ट्रंप के झूठ में न फंसें और अपने बच्चों को मौत के मुंह में न धकेलें. IRGC के मुताबिक, हमला करने वाले सैनिक ईरान के करोड़ों लोगों के भीड़ में डूबकर गायब हो जाएंगे. IRGC ने अमेरिकी जनता से अपील करते हुए कहा है कि उन्हें युद्ध के मैदान की सच्चाई से दूर रखा जा रहा है.
बयान में कहा गया कि युद्ध का असली असर अमेरिकी गैस स्टेशनों, ईरान की सड़कों और इजरायल के आसमान में देखा जा सकता है. ईरान ने चेतावनी दी है कि वे तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों को पूरी तरह तबाह कर देंगे. दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत ईरान की इमाद, कयाम और खुर्रमशहर-4 जैसी मिसाइलों ने इजरायल के 70 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है.
खाड़ी में अमेरिका की बड़ी सैन्य तैनाती
सीबीएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन अब मिडिल ईस्ट में अपनी ’82nd एयरबोर्न डिविजन’ के सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है. इसमें ग्राउंड फोर्स और कमांड कंपोनेंट शामिल होंगे. अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप (खार्ग आइलैंड) पर जमीनी कार्रवाई कर सकता है. अल जजीरा की रिपोर्ट बताती है कि उत्तरी कैरोलिना बेस से 2,000 अतिरिक्त सैनिक भेजे जा रहे हैं.
इसके अलावा जापान और सैन डिएगो से समुद्री रास्ते से भी मरीन सैनिक पहुंच रहे हैं. करीब 6,000 से 7,000 नए सैनिकों के आने के बाद इस इलाके में अमेरिकी फौज की संख्या 50,000 से ज्यादा हो जाएगी. यह साल 2003 के इराक युद्ध के बाद की सबसे बड़ी तैनाती मानी जा रही है.
जंग के आंकड़े: 3600 ड्रोन और 700 मिसाइलें
ईरान के दावों के मुताबिक, जंग शुरू होने से लेकर अब तक उन्होंने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर 700 से ज्यादा मिसाइलें और 3,600 ड्रोन दागे हैं. IRGC का कहना है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दुश्मन के 200 से ज्यादा विमानों और क्रूज मिसाइलों को मार गिराया है. ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने साफ कर दिया है कि वे झुकेंगे नहीं.
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बातचीत और सीजफायर से इनकार
विदेश मंत्री अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि ईरान फिलहाल केवल ‘प्रतिरोध’ की नीति पर चल रहा है. उन्होंने किसी भी तरह की बातचीत या सीजफायर की खबरों को खारिज कर दिया है. अराघची के मुताबिक, जब तक पुख्ता गारंटी नहीं मिलती, तब तक कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि कई देशों के विदेश मंत्रियों ने संपर्क किया है, लेकिन ईरान अपने स्टैंड पर कायम है. उन्हें अंतरराष्ट्रीय गारंटियों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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