ईरान ने भारत समेत इन 'दोस्त' देशों के लिए खोला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, दुश्मनों के लिए पूरी तरह ब्लॉक

Updated at : 26 Mar 2026 9:10 AM (IST)
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Iran Opens Strait Of Hormuz for india and allies

तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची.

Strait Of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर बड़ा अपडेट दिया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक भारत, चीन और रूस जैसे मित्र देशों के जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा, जबकि दुश्मनों के लिए पाबंदी जारी है. इधर UN चीफ ने तेल-गैस सप्लाई रुकने और बढ़ती कीमतों पर भारी चिंता जताई है.

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Strait Of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार (25 मार्च) को साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) पूरी तरह बंद नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे ‘दोस्त देशों’ के जहाजों को वहां से गुजरने की इजाजत दे दी है. अराघची के मुताबिक, यह रास्ता सिर्फ दुश्मनों और उनके साथियों के लिए बंद किया गया है क्योंकि उन्हें वहां से निकलने देने का कोई मतलब नहीं बनता.

UN चीफ ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस समुद्री रास्ते को खोलने की अपील की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गुटेरेस ने कहा कि होर्मुज के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल, गैस और खाद की सप्लाई रुक रही है, जिससे ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि खेती के इस सीजन में यह देरी भारी पड़ सकती है और जंग को तुरंत खत्म करना ही एकमात्र रास्ता है.

गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल को सलाह दी

गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल को सीधे मैसेज दिया है कि अब जंग खत्म करने का समय आ गया है क्योंकि आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं. साथ ही उन्होंने ईरान से भी कहा है कि वह उन पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे जो इस लड़ाई का हिस्सा नहीं हैं. होर्मुज के रास्ते से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस का व्यापार होता है, जिसे ईरान ने जवाबी हमलों के दौरान ब्लॉक कर दिया था.

शांति प्रस्ताव को किया खारिज

ईरान ने अमेरिका के समर्थन वाले 15-पॉइंट के शांति प्रस्ताव (पीस डील) को ठुकरा दिया है. ईरान का कहना है कि जंग उनकी शर्तों पर ही खत्म होगी. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है. ट्रंप के अनुसार, ईरान के लीडरशिप डील करने के लिए उतावले हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर बातचीत फेल हुई तो उनके अपने ही लोग उनके खिलाफ हो सकते हैं.

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परमिशन लेना होगा जरूरी

ईरान के डिफेंस काउंसिल ने नए नियम जारी किए हैं. अब किसी भी ‘गैर-विरोधी’ जहाज को होर्मुज से गुजरने के लिए पहले ईरानी अधिकारियों से तालमेल बिठाना होगा. 25 मार्च को न्यूयॉर्क में ईरानी मिशन ने कहा था कि जो देश ईरान के खिलाफ किसी हमले में शामिल नहीं हैं, वे सुरक्षा नियमों को मानकर और परमिशन लेकर यहां से सुरक्षित निकल सकते हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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