ट्रंप बोले- ईरान का ‘सुप्रीम लीडर’ बनने को कोई तैयार नहीं, सबको US से लगता है डर

Author Govind jee
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तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.

Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालातों पर दावा करते हुए कहा कि वहां कोई ‘सुप्रीम लीडर’ नहीं बनना चाहता क्योंकि उन्हें अपनी जनता और अमेरिका से जान का खतरा है. वहीं, ईरान ने जवाबी चेतावनी देते हुए अपने द्वीपों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है.

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Donald Trump: NRCC की एनुअल फंडरेजिंग डिनर में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई चौंकाने वाली बातें कहीं. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अब तक 8 युद्ध रुकवाए हैं और ईरान के मामले में भी वे ऐसा ही करेंगे. ट्रंप के मुताबिक, दुनिया में ईरान का ‘सुप्रीम लीडर’ पद ऐसा है जिसे आज कोई भी नहीं संभालना चाहता. उन्होंने कहा कि ईरान के नेता डरे हुए हैं. उन्हें अपने ही लोगों से जान का खतरा है और साथ ही वे अमेरिका से भी बुरी तरह खौफ में हैं.

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एनआरसीसी यानी नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी की एनुअल फंडरेजिंग डिनर अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी का एक बड़ा इवेंट है, जिसका मुख्य मकसद आने वाले चुनावों में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को जिताने के लिए भारी मात्रा में चंदा (फंड) इकट्ठा करना और पार्टी की नीतियों पर चर्चा करना होता है.

न्यूक्लियर डील और ओबामा पर निशाना

ट्रंप ने 2015 की न्यूक्लियर डील (JCPOA) से बाहर निकलने के अपने फैसले को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि चीन, फ्रांस, रूस, यूके और जर्मनी के साथ हुई यह डील ईरान को परमाणु हथियार बनाने से नहीं रोक पा रही थी. ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा की आलोचना करते हुए कहा कि ओबामा ने ईरान को सब कुछ थाली में सजाकर दे दिया था, जबकि इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इसके लिए मना किया था. ट्रंप का कहना है कि अगर वे इस समझौते को खत्म नहीं करते, तो ईरान के पास अब तक परमाणु हथियार होते.

कासिम सुलेमानी की मौत का जिक्र

अपनी स्पीच में ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को ‘ईविल मैन’ (बुरा आदमी) बताया. ट्रंप ने याद दिलाया कि 3 जनवरी 2020 को बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी को मार गिराया गया था. ट्रंप ने कहा कि सुलेमानी एक मजबूत लीडर था, लेकिन उसके जाने के बाद ईरान के पास उसके जैसा कोई नेतृत्व नहीं बचा. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके नेतृत्व में अब दुनिया भर में अमेरिका की रिस्पेक्ट पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है.

ईरान की जवाबी चेतावनी

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका ईरान में सत्ता बदलने या सैन्य जीत हासिल करने के अपने मकसद में पूरी तरह फेल रहा है. वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर एम.बी. गालिबाफ ने एक्स (ट्विटर) पर दावा किया कि उन्हें इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिली है कि दुश्मन देश ईरान के एक द्वीप (आईलैंड) पर कब्जा करने की फिराक में हैं. गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी कोई कोशिश हुई, तो ईरान उस पूरे इलाके के बुनियादी ढांचे को तबाह कर देगा.

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मिडल ईस्ट में बढ़ती सैन्य हलचल

पेंटागन ने सुरक्षा के मद्देनजर नॉर्थ कैरोलिना से 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2000 और सैनिकों को मिडल ईस्ट भेजने का आदेश दिया है. इसके अलावा, जापान और सैन डिएगो से दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट्स (त्रिपोली और बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप) भी उस इलाके की तरफ बढ़ रही हैं. ट्रंप का मानना है कि ईरान डील के लिए बेताब है, लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है.

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