CIA-मोसाद की रडार पर मुजतबा खामेनेई: ईरान के नए 'सुप्रीम लीडर' जिंदा हैं या...?
तस्वीर में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई.
Mojtaba Khamenei: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. उनके पिता अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को मुजतबा ने सत्ता संभाली थी, लेकिन तब से वे दुनिया की नजरों से गायब हैं. सीआईए (CIA) और मोसाद (Mossad) जैसी दिग्गज खुफिया एजेंसियां अब मुजतबा के एक-एक सिग्नल को ट्रैक कर रही हैं ताकि उनकी असलियत का पता चल सके.
Mojtaba Khamenei: ईरान में नए साल यानी नवरोज के मौके पर परंपरा रही है कि सुप्रीम लीडर जनता को संबोधित करते हैं. लेकिन मुजतबा ने इस बार कोई वीडियो या पब्लिक अपीयरेंस नहीं दी. उन्होंने सिर्फ टेलीग्राम पर एक लिखित मैसेज जारी किया और अपनी पुरानी फोटो और पढ़ाई कराने वाला एक वीडियो शेयर किया. सीआईए अब इन वीडियो और फोटो की जांच कर रही है कि क्या ये वाकई नए हैं या फिर पुराने फुटेज का इस्तेमाल करके दुनिया को गुमराह किया जा रहा है.
हमले में मुजतबा के घायल होने की खबर
एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को शक है कि मुजतबा उस हमले में घायल हुए थे जिसमें उनके पिता, पत्नी और बेटे की मौत हुई थी. तेल अवीव के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के एक्सपर्ट राज जिम्मट का कहना है कि मुजतबा शायद अपनी चोटों को छिपाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं. वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे ‘बड़ा रेड फ्लैग’ बताया है क्योंकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियां ने खतरे के बावजूद वीडियो संदेश जारी किया, पर मुजतबा चुप रहे.
कौन चला रहा है ईरान?
अमेरिकी इंटेलिजेंस डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और जनरल जेम्स एडम्स ने बताया कि ईरान इस वक्त लीडरशिप के बड़े संकट से जूझ रहा है. ऐसी खबरें हैं कि मुजतबा के गायब होने की वजह से अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ही पर्दे के पीछे से देश चला रही है. इजरायली अफसरों का दावा है कि ईरान के टॉप लीडर अब भगोड़ों की तरह एक सेफ हाउस से दूसरे सेफ हाउस में छिप रहे हैं और पकड़े जाने के डर से डिजिटल फोन तक का इस्तेमाल नहीं कर रहे.
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ट्रंप और इजरायल का कड़ा रुख
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम ने भी ईरान की लीडरशिप पर सवाल उठाए हैं. ट्रंप ने कहा कि ईरान के एक के बाद एक कई लीडर खत्म हो चुके हैं और अब वहां कोई लीडर बनने को तैयार नहीं है. इधर, इजरायल ने संकेत दिए हैं कि उनका अगला मकसद ईरान में पूरी तरह से तख्तापलट यानी सत्ता परिवर्तन करना हो सकता है. फिलहाल, मुजतबा का गायब रहना पूरी दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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