स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: सीजफायर के बाद भी ईरान की सख्ती, हर दिन सिर्फ 15 जहाजों को मिलेगी एंट्री

Updated at : 09 Apr 2026 7:56 PM (IST)
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Iran Strait of Hormuz shipping limit ceasefire oil price hike

समंदर में खड़ा तेल टैंकर। सोर्स- कैनवा

Strait of Hormuz: ईरान ने जहाजों की आवाजाही पर कड़ी शर्तें लगा दी हैं, जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं. अब इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं.

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Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर यानी युद्ध विराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ) में जहाजों की आवाजाही लगभग रुकी हुई है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब हर दिन केवल 15 जहाजों को ही यहां से गुजरने की इजाजत देगा. ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने साफ कर दिया है कि किसी भी जहाज को यहां से सुरक्षित निकलने के लिए ईरानी सेना और वहां की अथॉरिटी से तालमेल बैठाना होगा और मंजूरी लेनी होगी.

सीजफायर के बाद की जमीनी हकीकत

रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि पिछले 24 घंटों में इस रास्ते से सिर्फ एक ऑयल टैंकर और पांच ड्राई बल्क कैरियर ही गुजर पाए हैं. इसके अलावा ईरान के झंडे वाले दो टैंकर भी यहां से निकले हैं. रूस की न्यूज एजेंसी TASS ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि सीजफायर समझौते के तहत रोजाना 15 जहाजों की लिमिट तय की गई है. हालांकि, अबू धाबी नेशनल ऑयल कॉर्पोरेशन के हेड सुल्तान अल जाबेर ने ब्लूमबर्ग से कहा कि ईरान एनर्जी सप्लाई को रोक रहा है और यह रास्ता असल में बंद ही है. उनका कहना है कि शर्तों के साथ रास्ता देना ‘फ्री पैसेज’ नहीं कहलाता.

इस्लामाबाद में शांति वार्ता

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का अस्थाई सीजफायर हुआ है, जिसमें ईरान ने प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज पर कंट्रोल जैसी 10 शर्तें रखी हैं. अब दोनों देश पाकिस्तान के इस्लाबाद में शांति वार्ता करने वाले हैं. ईरान की 10 शर्तों और अमेरिका के 15 पॉइंट वाले प्लान में काफी अंतर है. रॉयटर्स के अनुसार, ईरान भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलने की योजना बना रहा है, जो जहाज के प्रकार और उसमें लदे सामान पर निर्भर करेगी.

ट्रंप की चेतावनी- अमेरिकी सेना रहेगी तैनात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान होर्मुज को पूरी तरह सुरक्षित खोलने पर सहमत हो गया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी सेना वहां तैनात रहेगी. वहीं, मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान की सुप्रीम काउंसिल ने ट्रंप की बात को गलत बताया और कहा कि अमेरिका ने होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल को स्वीकार कर लिया है. इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 3.6% बढ़कर 98.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं.

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सीजफायर उल्लंघन पर ईरान की धमकी

ईरानी स्टेट मीडिया ISNA के मुताबिक, ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायली गठबंधन ने सीजफायर की शर्तों को तोड़ा, तो इसका तुरंत और कड़ा जवाब दिया जाएगा. विवाद का एक बड़ा कारण यह भी है कि ईरान इस सीजफायर में लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने की शर्त जोड़ रहा है, जबकि इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वे हिजबुल्ला पर हमले जारी रखेंगे. अमेरिका भी इजरायल की इस बात का समर्थन कर रहा है, जिससे शांति समझौते पर खतरा मंडरा रहा है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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