ईरान ने ठुकराया अमेरिका का पीस प्लान, अपना 10 पॉइंट प्लान सौंपा; ट्रंप बोले- 'यह काफी नहीं'

Updated at : 06 Apr 2026 10:35 PM (IST)
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Iran Rejects US Peace Plan trump reaction

तस्वीर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. इमेज सोर्स क्रेडिट-एक्स/ @WhiteHouse

Iran Rejects US Peace Plan: ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग अब खतरनाक मोड़ पर है. ईरान ने अमेरिकी पीस प्लान को ठुकराकर अपना 10 पॉइंट प्लान सामने रखा है. इधर, राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यह समझौता मंजूर नहीं है. उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को तबाह करने की बात कही है.

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Iran Rejects US Peace Plan: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग अब और गंभीर मोड़ पर आ गई है. ईरानी समाचार एजेंसी IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को ईरान ने अमेरिका के पीस प्लान (सीजफायर डील) को आधिकारिक तौर पर खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका की शर्तें बहुत ज्यादा और अव्यावहारिक हैं. इसके जवाब में ईरान ने खुद का एक 10 पॉइंट प्लान पेश किया है, जिसका मकसद इस युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना है.

ईरान का 10 पॉइंट प्लान  

IRNA की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस नए प्लान में पूरे क्षेत्र में लड़ाई रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के काम शुरू करने की बात कही गई है. सबसे अहम मांग यह है कि ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए. ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब उनकी इन शर्तों को माना जाएगा.

अमेरिका के प्रस्ताव पर ईरान को शक

ईरान ने अमेरिका के 15 पॉइंट प्लान प्रस्ताव को ‘जरूरत से ज्यादा मांग’ वाला बताया है. ईरानी विदेश मंत्रालय का मानना है कि सीजफयर का इस्तेमाल दुश्मन फिर से एकजुट होने और हमला करने के लिए कर सकता है. मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि पिछले हफ्ते इस्फहान में हुआ अमेरिकी ‘पायलट रेस्क्यू ऑपरेशन’ असल में ईरान के यूरेनियम पर कब्जा करने की एक साजिश हो सकती है. फिलहाल, समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए ईरान और ओमान के बीच बातचीत जारी है, जिसकी पुष्टि ओमान के विदेश मंत्रालय ने 4 अप्रैल को की है.

डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 ‘व्हाइट हाउस ईस्टर एग रोल’ के दौरान कहा कि उन्हें ईरान का प्रस्ताव मिला है. ट्रंप ने इसे एक बड़ा कदम तो माना लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि यह ‘काफी नहीं’ है. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि ईरान के पास कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए. उन्होंने 2015 की न्यूक्लियर डील (JCPOA) को खत्म करने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते तो पूरा मिडिल ईस्ट बड़ी मुसीबत में होता.

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‘घुटने टेको या बर्बादी झेलो’

राष्ट्रपति ट्रंप ने बहुत ही सख्त लहजे में कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका, ईरान की बिजली और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देगा. ट्रंप ने कहा कि हम देश को मिटा रहे हैं और जब तक वे हार नहीं मानेंगे, अमेरिका नहीं रुकेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उनके पास विकल्प होता, तो वे ईरान के तेल भंडारों को पूरी तरह से अमेरिकी कंट्रोल में ले लेते. फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और बातचीत का रास्ता मुश्किल नजर आ रहा है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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