ईरान बोला- हम 6 महीने और जंग को तैयार, ट्रंप ने दिए मिडिल ईस्ट से निकलने के संकेत

तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची.
Iran: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) दक्षिण-पश्चिम एशिया और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में फैला एक विशाल अंतरमहाद्वीपीय क्षेत्र है, जिसमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक, तुर्की, इजरायल, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं.
Iran: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के साथ कम से कम 6 महीने और जंग लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. अराघची ने कहा कि ईरान के पास हथियारों और जरूरी सामान का पूरा स्टॉक है और वे अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि मिडिल ईस्ट की (मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) दक्षिण-पश्चिम एशिया और उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में फैला एक विशाल इंटरकॉन्टिनेंटल क्षेत्र है, जिसमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक, तुर्की, इजरायल, मिस्र (इजिप्ट) और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं) यह लड़ाई अगले 2 से 3 हफ्तों में खत्म हो सकती है.
ईरान ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा जा रहा था कि उसने अमेरिका की शर्तें मान ली हैं. अराघची के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट वाले प्लान पर कोई जवाब नहीं दिया है और न ही अपनी तरफ से कोई 5 शर्तें रखी हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भरोसे का लेवल अभी ‘जीरो’ है. ईरान का मानना है कि अमेरिका समझौते की आड़ में सैन्य कार्रवाई करता है, जैसा उसने 2015 की न्यूक्लियर डील के वक्त किया था.
ईरान की बड़ी शर्तें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एएफपी रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से कहा कि वे जंग खत्म करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ठोस गारंटी चाहिए. ईरान सिर्फ युद्धविराम (सीजफायर) नहीं चाहता, बल्कि वह चाहता है कि पूरे क्षेत्र (लेबनान, इराक और यमन) में जंग पूरी तरह खत्म हो. साथ ही, ईरान ने जंग में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग भी की है.
🔸Iran's Foreign Minister Araghchi's interview with Al Jazeera: 2/5
— Iran in Japan/ 駐日イラン大使館 (@IraninJapan) April 1, 2026
🔹Host: It has been said that you have put forward five conditions. Have you really responded to these conditions?
🔹Dr. Araghchi: No, no condition has been presented to the opposing side from our end. Those… pic.twitter.com/7ixtRdb8uY
दुनिया पर पड़ रहा असर
यह पूरी लड़ाई अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद शुरू हुई. इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमले किए. इस तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है. अमेरिका में पेट्रोल के दाम 4 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गए हैं और यूरोप में भी महंगाई बढ़ गई है.
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अराघची का दावा: अमेरिकी दूत से मैसेज मिल रहे हैं
अब्बास अराघची ने खुलासा किया कि उन्हें अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ से सीधे मैसेज मिल रहे हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच कोई आधिकारिक बातचीत चल रही है. ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ईरान समझौते के लिए ‘भीख’ मांग रहा है, लेकिन ईरान का कहना है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों या दोस्त देशों के जरिए ही अपनी बात रख रहे हैं. व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही ईरान पर देश को संबोधित कर सकते हैं.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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