ट्रंप बोले- ईरान में अब नए लीडर की जरूरत; खामेनेई के 37 साल पुराने शासन को खत्म करने की मांग

खामेनेई के खिलाफ ट्रंप का बड़ा बयान: बोले- ईरान में अब नए नेतृत्व का समय.
ईरान में मचे घमासान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला खामेनेई के 37 साल पुराने शासन को खत्म करने की मांग की है. ट्रंप ने कहा कि ईरान को अब नए लीडरशिप की जरूरत है. वहीं, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक 3400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाने की वकालत की है. ट्रंप ने कहा कि ईरान में पिछले 37 सालों से चल रहा खामेनेई का शासन अब खत्म होना चाहिए. अमेरिकी मीडिया हाउस ‘पॉलिटिको’ से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि अब समय आ गया है जब ईरान को एक नए और बेहतर लीडरशिप की तलाश करनी चाहिए.
ईरान में 20 दिनों से ज्यादा समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए, ट्रंप ने ईरानी सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ईरान का लीडरशिप देश चलाने के लिए सिर्फ हिंसा और लोगों को डराने का सहारा लेता है. ट्रंप के अनुसार, खामेनेई ने पूरे देश को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है और सत्ता में बने रहने के लिए वे हजारों निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं.
खामेनेई को बताया ‘बीमार आदमी’
ट्रंप ने खामेनेई की आलोचना करते हुए उन्हें एक ‘बीमार आदमी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि ईरान के मौजूदा हालात इतने खराब हैं कि वह रहने के लिए दुनिया की सबसे बुरी जगह बन चुका है. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि खामेनेई का सबसे अच्छा फैसला यह था कि उन्होंने दो दिन पहले 800 लोगों को फांसी नहीं दी. उन्होंने सलाह दी कि लीडरशिप मौत और डर बांटने के बजाय सम्मान कमाने के बारे में होना चाहिए.
खामेनेई ने लगाया अमेरिका पर आरोप
ट्रंप के बयानों पर पलटवार करते हुए अयातुल्ला खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को ‘विदेशी साजिश’ बताया. उन्होंने कसम खाई कि वे प्रदर्शनकारियों (जिन्हें उन्होंने देशद्रोही कहा) को कुचलने की कसम खाई है. खामेनेई ने ईरान में हुई मौतों के लिए उल्टा ट्रंप को ही जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका, ईरान पर आर्थिक और राजनीतिक कब्जा करने के लिए यह सब करवा रहा है.
ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर हमला हुआ तो अमेरिका अपनी सेना भेज सकता है. उन्होंने लोगों से सरकारी दफ्तरों पर कब्जा करने की अपील भी की थी. हालांकि, इस बीच सुरक्षा बलों की कार्रवाई में करीब 3,428 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं. ईरान की सरकार इन प्रदर्शनों को ‘दंगा’ और ‘आतंकवादी ऑपरेशन’ बता रही है.
शहजादे रजा पहलवी की वापसी की तैयारी
इस बीच, ईरान के निर्वासित शहजादे रजा पहलवी ने भी लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने को कहा है. प्रदर्शनों के दौरान कई लोग पहलवी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. पहलवी ने राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की कि वे पिछली सरकारों की तरह ईरान के साथ नरमी न बरतें और ईरानी जनता का साथ दें. उन्होंने कहा है कि वह ईरान वापस जाएंगे और वहां पूरे देश में वोटिंग कराएंगे, ताकि लोगों से सीधे पूछा जा सके कि वे किसी मुद्दे के पक्ष में हैं या विरोध में. उनका कहना है कि इसी तरह ईरान में असल लोकतंत्र आएगा.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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