क्या ट्रंप के मंत्री बनवा रहे बंकर? ईरान-इजराइल जंग के बीच अमेरिका में डिमांड 10 गुना बढ़ी

Updated at : 13 Mar 2026 1:32 PM (IST)
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Iran Israel War are trump cabinet building bunkers

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Iran Israel War: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के माहौल में, दुनिया के अमीर और प्रभावशाली लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है. हालात ऐसे हैं कि अमेरिका में जमीन के नीचे बंकर बनाने में माहिर कंपनियों के पास ऑर्डरों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है.

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Iran Israel War: एटलस सर्वाइवल शेल्टर्स (Atlas Survival Shelters) के फाउंडर रॉन हबर्ड के अनुसार, जब से अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए हैं, तब से बंकरों की पूछताछ में 10 गुना इजाफा हुआ है. रॉन ने ‘द टेलीग्राफ’ को बताया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का यह दूसरा हफ्ता है और मिसाइल या ड्रोन हमलों के डर से लोग अपनी सुरक्षा के लिए बंकर बनवा रहे हैं.

50 लाख डॉलर तक है बंकर की कीमत

हबर्ड की कंपनी टेक्सास में स्थित है और ये बंकर मिसाइल, ड्रोन और परमाणु रेडिएशन जैसी खतरों से बचाने के लिए डिजाइन किए गए हैं. इन बंकरों की कीमत 20,000 डॉलर (छोटे प्री-फैब्रिकेटेड यूनिट) से शुरू होकर 50 लाख डॉलर तक जाती है. हबर्ड का अनुमान है कि अगर डिमांड ऐसी ही रही, तो कंपनी की मासिक सेल, जो आमतौर पर 20 लाख डॉलर होती है, अगले महीने तक 5 करोड़ डॉलर (50 मिलियन डॉलर) तक पहुंच सकती है. रॉन हबर्ड ने कहा, “बंकर बनाना खेती करने जैसा है. जब कटाई का समय आता है, तो आपको जितना हो सके बटोर लेना चाहिए.

क्या ट्रंप कैबिनेट के सदस्य भी हैं कस्टमर?

रॉन हबर्ड ने यह भी दावा किया है कि उनके ग्राहकों की लिस्ट में सरकार के सीनियर अधिकारी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट के दो सदस्यों ने बंकर का ऑर्डर दिया है. हबर्ड के मुताबिक, उनमें से एक ने उन्हें मैसेज करके पूछा था कि उनका बंकर कब तक तैयार हो जाएगा. हालांकि उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया. हबर्ड ने यह भी बताया कि उनके क्लाइंट्स में अरबपति और टेक इंडस्ट्री के लीडर्स शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने ईसाई, रूढ़िवादी सीईओ के रूप में बताया है. मार्क जुकरबर्ग भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनके हवाई स्थित रेंच पर एटलस ने बंकर बनाया है.

जंग के बीच तनाव और ईरान की धमकियां

दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के शासन को पूरी तरह नष्ट कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं.

इसके उलट, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत इजराइल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर खैबर शेकन मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खमेनेई ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का विकल्प एक दबाव की रणनीति के रूप में बना रहेगा.

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पेंटागन की तैयारी पर सवाल

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने इस बात का अंदाजा कम लगाया था कि ईरान हमले के जवाब में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद करने की कोशिश कर सकता है. हालांकि, ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत अमीर सईद इरावनी ने स्पष्ट किया कि तेहरान का फिलहाल जलडमरूमध्य को बंद करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन उन्होंने इसे शांति और सुरक्षा बनाए रखने का अपना अधिकार बताया है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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