ईरान में होने वाला है तख्तापलट? राष्ट्रपति और IRGC चीफ के बीच ठनी, कंगाली की कगार पर पहुंचा देश

Updated at : 29 Mar 2026 10:05 AM (IST)
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Iran internal war president vs irgc coup signs

तस्वीर में बाएं से- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और IRGC के चीफ-कमांडेंट अहमद वाहिदी

Iran: ईरान में मसूद पेजेश्कियान और IRGC चीफ के बीच ठन गई है. 'ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि जंग न रुकी तो 21 दिनों में इकोनॉमी ढह जाएगी. वहीं, इजरायली मीडिया तख्तापलट के संकेत दे रहा है. दूसरी ओर, अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ 'नो किंग्स' प्रदर्शन तेज हो गए हैं.

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Iran: ईरान के अंदरूनी हालात बिगड़ते जा रहे हैं. राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और IRGC के चीफ-कमांडेंट अहमद वाहिदी के बीच जंग को लेकर भारी अनबन शुरू हो गई है. ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच इस बात पर विवाद है कि युद्ध और उससे टूटती अर्थव्यवस्था को कैसे संभाला जाए. राष्ट्रपति ने IRGC के पड़ोसी देशों पर बढ़ते हमलों की आलोचना की है और चेतावनी दी है कि अगर तुरंत युद्धविराम ( सीजफायर) नहीं हुआ, तो अगले 3 हफ्ते से 1 महीने के अंदर ईरान की इकोनॉमी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी.

कमांडर्स ने ठुकराई राष्ट्रपति की बात

‘ईरान इंटरनेशनल’ के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने सेना के ‘फायर एट विल’ यानी बिना पूछे हमला करने वाले रवैये पर माफी मांगी थी और इसे रोकने के निर्देश दिए थे. इसके बावजूद हमले नहीं रुके. राष्ट्रपति चाहते हैं कि मैनेजमेंट की पावर सरकार के पास वापस आए, लेकिन कमांडर वाहिदी ने इसे साफ मना कर दिया है. वाहिदी ने उल्टा सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने जंग शुरू होने से पहले जरूरी सुधार नहीं किए, जिसकी वजह से आज ये हालात हैं.

तख्तापलट के संकेत?

इजरायली मीडिया भी ईरान के शासन में दरार की खबरें दे रहा है. ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ ने एक सीनियर अधिकारी के हवाले से लिखा है कि ईरानी शासन में दरारें दिखने लगी हैं और वहां सत्ता पलटने के हालात बन रहे हैं. वहीं, एक अन्य इजरायली आउटलेट ‘Ynet’ ने भी इसी महीने ईरान के अंदरूनी झगड़ों की पुष्टि की है.

ईरान में कंगाली की हालत 

जंग के पांचवें हफ्ते में ईरान की जनता दाने-दाने को मोहताज हो रही है. ‘ईरान इंटरनेशनल’ की रिपोर्ट बताती है कि बड़े शहरों के ATM में कैश खत्म हो गया है और बैंक मिल्ली जैसे बड़े बैंकों की ऑनलाइन सर्विस ठप पड़ गई है. सरकारी कर्मचारियों को पिछले 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है. फरवरी में ही जरूरी चीजों की महंगाई 105% से 115% के बीच पहुंच गई थी, जो अब और भी भयावह हो गई है.

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अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन

दूसरी तरफ, अमेरिका में भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और ईरान के साथ चल रही जंग के खिलाफ ‘नो किंग्स’ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूयॉर्क से लेकर सैन फ्रांसिस्को तक लाखों लोग सड़कों पर हैं. लोग बढ़ती महंगाई और इमिग्रेशन नियमों का विरोध कर रहे हैं. मिनेसोटा में हुए एक बड़े प्रदर्शन में रॉक स्टार ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने भी हिस्सा लिया और सरकार की नीतियों को ‘बुरा सपना’ बताया.  

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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