ब्लॉगर ने खोली चीन के टॉप वैज्ञानिकों की पोल, रिसर्च पेपर्स में की थी गड़बड़ी; छीने गए अहम पद

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 01 Jun 2026 7:55 AM

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चीन की राजधानी बीजिंग का तियानमेंन स्क्वॉयर. फोटो- कैनवा.

China Scientists Removed: चीन में शोध की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बीच तीन और वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके अकादमिक पदों से हटा दिया गया है. डेटा और रिसर्च पेपर्स में कथित गड़बड़ियों के बाद विश्वविद्यालयों ने यह कार्रवाई की है. यह सब कुछ स्टूडेंट गैंग नाम के ब्लॉगर के वीडियो वायरल होने के बाद हुआ है.

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China Scientists Removed: चीन में वैज्ञानिक रिसर्च की क्वालिटी और क्रेडेबिलिटी को लेकर तीन और नामी वैज्ञानिकों पर बड़ी कार्रवाई की गई है. देश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों ने उन्हें उनके वरिष्ठ प्रशासनिक और अकादमिक पदों से हटा दिया है. यह सब हुआ एक ब्लॉगर की वजह से. उसके खुलासों ने वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर्स की पोल खोली थी. हाल के महीनों में कई चर्चित रिसर्च पेपर्स में डेटा और तस्वीरों से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठे थे.

पहले एक वैज्ञानिक पर कार्रवाई, फिर बढ़ा जांच का दायरा

मामले की शुरुआत उस समय चर्चा में आई, जब पिछले महीने शंघाई स्थित तोंगजी विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध कैंसर शोधकर्ता वांग पिंग को प्रकाशित शोध कार्यों से जुड़े विवादों के बाद उनके पद से हटा दिया गया. इसके बाद कई अन्य वैज्ञानिकों के रिसर्च प्रोजेक्ट भी जांच के दायरे में आए.

अब तीन बड़े वैज्ञानिकों पर गिरी गाज

अब इसी कड़ी में तियानजिन की नानकाई यूनिवर्सिटी ने अपने कॉलेज ऑफ लाइफ साइंसेज के डीन चेन क्वान को पद से हटा दिया है. विश्वविद्यालय का कहना है कि वर्ष 2024 में जर्नल नेचर कैंसर में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर के पत्राचार लेखक (कॉरेस्पॉन्डिंग ऑथर) के रूप में चेन क्वान एक्सपेरीमेंटल डेटा की गुणवत्ता और उसकी प्रामाणिकता की उचित निगरानी करने में विफल रहे.

इसी दौरान ग्वांगझोउ स्थित सन यात-सेन यूनिवर्सिटी ने भी दो वरिष्ठ वैज्ञानिकों के खिलाफ कार्रवाई की. विश्वविद्यालय ने कांग तिएबांग को दक्षिण चीन की स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ ऑन्कोलॉजी के उपनिदेशक पद से हटा दिया. विश्वविद्यालय के अनुसार, कांग तिएबांग का संबंध वर्ष 2020 में नेचर सेल बायोलॉजी में प्रकाशित एक रिसर्च पेपर से था, जिसमें डेटा और तस्वीरों से जुड़ी त्रुटियां पाई गईं.

वहीं कुआंग डोंगमिंग को स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के एसोसिएट डीन पद से हटाया गया. उन पर नेचर सेल बायोलॉजी, साइंस एडवांसेज और सेल जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित तीन अलग-अलग रिसर्च पेपर्स में समान प्रकार की समस्याओं से जुड़े होने के आरोप लगे हैं.

‘आउटस्टैंडिंग यूथ’ सम्मान पा चुके थे सभी वैज्ञानिक

दिलचस्प बात यह है कि कार्रवाई का सामना कर रहे सभी चार वैज्ञानिक चीन के प्रतिष्ठित ‘आउटस्टैंडिंग यूथ’ सम्मान से सम्मानित रह चुके हैं. इस सम्मान को चीन की शीर्ष वैज्ञानिक संस्थाओं तक पहुंचने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है.

सोशल मीडिया ब्लॉगर की पड़ताल के बाद तेज हुई जांच

इन मामलों ने तब ज्यादा ध्यान खींचा जब ‘स्टूडेंट गेंग’ नाम से चर्चित एक पूर्व डॉक्टरेट छात्र और विज्ञान ब्लॉगर ने कई रिसर्च पेपर्स में कथित अनियमितताओं पर बोलना शुरू किया. रिपोर्ट के मुताबिक, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि रखने वाले स्टूडेंट गेंग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) टूल्स और स्टैटिस्किल एनालिसिस के जरिए प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के रिसर्च पेपर्स में असामान्य पैटर्न और संभावित गड़बड़ियों की पहचान की. उनके वीडियो चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी लोकप्रिय हुए हैं. इसके बाद देश में रिसर्च की पारदर्शिता और वैज्ञानिक जवाबदेही को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई.

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सरकारी मीडिया ने भी उठाया जवाबदेही का मुद्दा

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने हाल ही में स्टूडेंट गेंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा था कि वैज्ञानिक जवाबदेही को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है. हालांकि एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि अकादमिक कदाचार से निपटने की मुख्य जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की ही होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की.

विश्वविद्यालयों ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने का किया ऐलान

विवाद बढ़ने के बाद नानकाई यूनिवर्सिटी और सन यात-सेन यूनिवर्सिटी दोनों ने कहा है कि वे शोध कार्यों की निगरानी को और मजबूत बनाएंगे. साथ ही, वैज्ञानिक ईमानदारी और रिसर्च इंटीग्रिटी से जुड़े मानकों को सख्ती से लागू करने के लिए नई व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएंगी.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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