ईरान के खिलाफ अमेरिका की बड़ी घेराबंदी, समुद्र में उतरे USS त्रिपोली संग 3500 मरीन कमांडोज

अमेरिकी सेना की तस्वीर. इमेज सोर्स क्रेडिट- @CENTCOM
USS Tripoli: अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी ताकत को और बढ़ा दिया है. जापान से चलकर अमेरिकी नेवी का जंगी जहाज USS त्रिपोली (USS Tripoli) अब वेस्ट एशिया (मिडिल ईस्ट) के मोर्चे पर पहुंच गया है.
USS Tripoli: यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि 27 मार्च को यह जहाज करीब 3500 नौसैनिकों और मरीन कमांडोज के साथ युद्ध क्षेत्र में दाखिल हुआ. यह जहाज इतना विशाल है कि इसे एक छोटे एयरक्राफ्ट करियर की तरह देखा जा रहा है.
दर्जनों हेलीकॉप्टर, घातक फाइटर जेट्स तैनात हैं
CENTCOM के मुताबिक, USS त्रिपोली ‘अमेरिका-क्लास’ का एक खतरनाक हमलावर जहाज है. इसमें दर्जनों हेलीकॉप्टर, एमवी-22 ऑस्प्रे और घातक F-35B जॉइंट स्ट्राइक फाइटर जेट्स तैनात हैं. इसके पहुंचने से अमेरिका अब समुद्र से जमीन पर सीधा हमला करने और तटीय इलाकों पर कब्जा करने जैसी ऑपरेशंस तेजी से कर पाएगा.
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
तीन-तीन एयरक्राफ्ट करियर से ईरान की घेराबंदी
मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने तीन बड़े न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट करियर उतार दिए हैं. एबीसी न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि USS जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश का स्ट्राइक ग्रुप भी नॉरफॉक से रवाना होकर इस क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. हालांकि, दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट करियर USS जेराल्ड आर. फोर्ड फिलहाल सर्विस से बाहर है.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जहाज की लॉन्ड्री में आग लगने और प्लंबिंग की दिक्कतों की वजह से इसे ईरान के मोर्चे से हटाकर क्रोएशिया के स्प्लिट पोर्ट पर रखा गया है. यह करीब एक साल तक मरम्मत के लिए बाहर रह सकता है.
150 ईरानी जहाजों को तबाह करने का दावा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को लेकर CENTCOM ने बड़ा अपडेट दिया है. 28 फरवरी से अब तक अमेरिकी सेना 11,000 से ज्यादा कॉम्बैट उड़ानें भर चुकी है. इसमें दावा किया गया है कि ईरान के 150 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया है या तबाह कर दिया गया है. अमेरिकी हमले सीधे तौर पर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC), मिसाइल साइट्स और हथियारों की फैक्ट्रियों को निशाना बना रहे हैं.
10 हजार और सैनिक भेजने की तैयारी
पेंटागन अब ईरान के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाने वाला है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के पास मिलिट्री के और विकल्प बढ़ाने के लिए 10,000 अतिरिक्त पैदल सैनिक भेजने पर विचार किया जा रहा है. ये सैनिक ईरान के तेल एक्सपोर्ट हब ‘खार्ग द्वीप’ (Kharg Island) के करीब तैनात किए जा सकते हैं. वर्तमान में इस इलाके में पहले से ही 5,000 मरीन और हजारों पैराट्रूपर्स तैनात हैं.
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ईरान के राष्ट्रपति की कड़ी चेतावनी
बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान अपनी तरफ से हमला शुरू नहीं करेगा, लेकिन अगर उसके आर्थिक केंद्रों या जरूरी बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाया गया, तो वे बहुत जोरदार पलटवार करेंगे.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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