शादी से पहले संबंध बनाने पर इंडोनेशिया में महिला को मिली रूह कंपा देने वाली सजा, सरेआम बरसाए 140 कोड़े

Updated at : 30 Jan 2026 2:02 PM (IST)
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Indonesia Woman Caning 140 Lashes Sharia Law Aceh

इंडोनेशिया में महिला को सरेआम मारे 140 कोड़े. तस्वीर पुरानी है और इस इमेज का सोर्स है एक्स.

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून का खौफनाक चेहरा सामने आया है. शराब पीने और शादी से पहले संबंध बनाने के आरोप में एक महिला पर सरेआम 140 कोड़े बरसाए गए. दर्द से बेहाल महिला मौके पर ही बेहोश हो गई.

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इंडोनेशिया के आचे (Aceh) प्रांत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां शरिया कानून का उल्लंघन करने पर एक कपल को ऐसी सजा दी गई जिसे देखकर लोगों की रूह कांप गई.

क्या है पूरा मामला?

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में एक महिला और एक पुरुष को शादी से बाहर शारीरिक संबंध बनाने और शराब पीने का दोषी पाया गया. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बदले उन्हें सरेआम एक पार्क में डंडों (बेंत) से 140 बार पीटा गया. यह सजा इतनी भयानक थी कि कोड़े खाते-खाते महिला बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा.

140 कोड़ों का गणित

बांदा आचे के शरिया पुलिस चीफ मुहम्मद रिजाल ने एएफपी को बताया कि इस कपल को कुल 140 कोड़े मारे गए. इसमें से:

  • 100 कोड़े: शादी से पहले संबंध बनाने के लिए.
  • 40 कोड़े: शराब पीने के लिए.

बताया जा रहा है कि 2001 में आचे को विशेष स्वायत्तता (ऑटोनॉमी) मिलने के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी सजाओं में से एक है.

पुलिस ऑफिसर को भी नहीं बख्शा

इस दौरान कुल 6 लोगों को सजा दी गई. चौंकाने वाली बात यह है कि सजा पाने वालों में खुद एक शरिया पुलिस ऑफिसर और उसकी महिला साथी भी शामिल थे. उन्हें एक प्राइवेट जगह पर करीब (Close proximity) पाए जाने पर 23-23 कोड़े मारे गए. इस पर पुलिस चीफ का कहना था कि नियम सबके लिए बराबर हैं और किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी.

आचे में क्यों है इतने सख्त नियम?

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन आचे वहां का अकेला ऐसा प्रांत है जहां शरिया कानून चलता है. यहां कई चीजों पर पाबंदी है और पकड़े जाने पर कोड़े मारने की सजा दी जाती है:

  • जुआ खेलना (Gambling)
  • शराब पीना
  • शादी से पहले संबंध बनाना
  • समान लिंग के बीच संबंध

मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता

साल 2025 में भी दो पुरुषों को इसी तरह 76 बार कोड़े मारे गए थे. हालांकि, मानवाधिकार संगठन (Human rights organizations) इस तरह की सजाओं का लगातार विरोध करते रहे हैं, लेकिन वहां की अथॉरिटी का कहना है कि यह उनके कानूनी अधिकारों के दायरे में आता है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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