भारत-ईयू फ्री ट्रेड डील से पाकिस्तान में हड़कंप! टेक्सटाइल कारोबार पर मंडराया बड़ा खतरा

Updated at : 30 Jan 2026 11:41 AM (IST)
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India EU Free Trade Deal

भारत-EU डील. तस्वीर में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. इमेज सोर्स- एक्स.

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए बड़े फ्री ट्रेड समझौते से पाकिस्तान के कारोबारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है. खासकर टेक्सटाइल सेक्टर पर असर की आशंका जताई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों को मिलने वाली राहत से यूरोपीय बाजार में कॉम्पिटिशन और कड़ी हो सकती है.

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भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच होने जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने पाकिस्तान के कारोबार जगत में चिंता बढ़ा दी है. पाकिस्तान के एक्सपोर्टर्स और इकोनॉमिक जानकार मानते हैं कि अगर यह समझौता पूरी तरह लागू हो गया, तो पाकिस्तान के एक्सपोर्ट, खासकर टेक्सटाइल सेक्टर, पर बड़ा असर पड़ सकता है.

पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के अनुसार, एक्सपोर्टर्स और एनालिस्ट्स को डर है कि भारत-ईयू FTA से पाकिस्तान की यूरोप में पकड़ कमजोर हो सकती है. फिलहाल पाकिस्तान को EU में GSP Plus के तहत करीब 80 प्रतिशत उत्पादों पर जीरो ड्यूटी मिलती है, लेकिन भारत को अभी 8 से 12 प्रतिशत तक टैरिफ देना पड़ता है.

भारत ने अब आर्थिक मोर्चा खोल दिया

एक ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी ने डॉन से कहा कि भारत अब सिर्फ कूटनीति या सुरक्षा नहीं, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. उनका कहना है कि भारत ने कई देशों और अब ईयू के साथ भी ट्रेड डील कर ली है, जिससे मुकाबला और कड़ा हो गया है.

FPCCI (Federation of Pakistan Chambers of Commerce and Industry) के उपाध्यक्ष और Businessmen Panel Progressive (BMPP) के चेयरमैन साकिब फय्याज मगून ने चेतावनी दी है कि यह डील पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है.

पाकिस्तान का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स EU को: 6.2 अरब डॉलर

भारत का टेक्सटाइल निर्यात EU को: 5.6 अरब डॉलर (जबकि भारत अभी 12% टैरिफ देता है). उनके मुताबिक, अगर भारत को भी EU में जीरो टैरिफ मिल गया, तो पाकिस्तान की जो थोड़ी बहुत बढ़त है, वह भी खत्म हो जाएगी.

साकिब मगून का कहना है कि अगर पाकिस्तान ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो यूरोप का बाजार निकल सकता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि:

  • इलेक्ट्रिसिटी की कीमत 9 सेंट प्रति यूनिट की जाए
  • टैक्स सिस्टम आसान हो
  • एक्सपोर्टर्स को खास राहत और इंसेंटिव दिए जाएं
  • उन्होंने इसे इकोनॉमिक लड़ाई बताया और कहा कि कारोबारियों को सरकार का साथ चाहिए.

JS Global के एक प्रतिनिधि ने डॉन को बताया कि भारत और EU के बीच यह समझौता करीब 20 साल की बातचीत के बाद पूरा हुआ है. इसका मतलब है कि अब भारत के टेक्सटाइल, गारमेंट, कपड़े EU देशों में या तो बहुत कम टैक्स पर या बिल्कुल बिना टैक्स के बिक सकेंगे.

भारत को क्यों ज्यादा फायदा होगा?

JS Global के मुताबिक, भारत पहले से ही:

  • ज्यादा वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट बनाता है
  • पूरी सप्लाई चेन अपने देश में रखता है
  • लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर है

जब टैरिफ का फर्क भी खत्म हो जाएगा, तो पाकिस्तान के लिए मुकाबला और मुश्किल हो जाएगा.

EU पाकिस्तान का बड़ा बाजार

पाकिस्तान के कुल निर्यात का करीब 24% हिस्सा EU को जाता है. EU, अमेरिका के बाद पाकिस्तान के टेक्सटाइल का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में यहां नुकसान का असर सीधा रोजगार और फैक्ट्रियों पर पड़ेगा. होजरी मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (PHMA) के प्रमुख फैसल अरशद ने कहा कि भारत-EU FTA के बाद भारतीय कंपनियां यूरोप में सस्ते दाम पर सामान बेच सकती हैं.

इससे असर पड़ेगा होजरी, निटवियर और रेडीमेड गारमेंट पर. उन्होंने कहा कि इससे मुनाफा घटेगा, नौकरियों पर दबाव आएगा और सेक्टर की स्थिरता भी खतरे में पड़ेगी.

फैसल अरशद का मानना है कि पाकिस्तान का सिर्फ GSP Plus पर निर्भर रहना अब सही नहीं है. उन्होंने बताया कि GSP Plus के तहत पाकिस्तान को ह्यूमन राइट्स, लेबर कानून, एनवायरनमेंट, शासन से जुड़ी 27 अंतरराष्ट्रीय संधियों का पालन करना होता है. जबकि भारत को FTA के तहत ऐसी सख्त शर्तों का सामना नहीं करना पड़ता.

भारत की लागत कम, सिस्टम मजबूत

PHMA के अनुसार, भारत को फायदा इसलिए भी है क्योंकि:

  • इलेक्ट्रिसिटी सस्ती है
  • कर्ज कम इंटरेस्ट पर मिलता है
  • बड़े स्तर पर उत्पादन होता है
  • सप्लाई चेन मजबूत है

जब बराबर टैरिफ और कम लागत साथ आ जाते हैं, तो पाकिस्तान के लिए मुकाबला और कठिन हो जाता है.

‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ क्या है?

भारत-ईयू FTA को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है क्योंकि इसमें करीब 2 अरब लोगों का बाजार शामिल है. यह दुनिया की 25% GDP को कवर करता है. यह अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक ट्रेड एग्रीमेंट माना जा रहा है

इस डील में क्या-क्या तय हुआ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक,

  • भारत के 93% से ज्यादा उत्पादों को EU में कम या शून्य टैक्स मिलेगा.
  • टेक्सटाइल, फुटवियर, केमिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, IT सेवाओं को फायदा.
  • यूरोप से आने वाली लग्जरी कारों और शराब पर टैक्स धीरे-धीरे घट सकता है.

भारत-ईयू बिजनेस पहले से मजबूत

  • भारत-ईयू व्यापार: 136.5 अरब डॉलर
  • पाकिस्तान-EU निर्यात: करीब 9 अरब डॉलर

यह फर्क दिखाता है कि भारत पहले से ही EU में मजबूत स्थिति में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस डील को भारत के लिए गेम-चेंजर बताया है. EU नेताओं का कहना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था ज्यादा संतुलित और स्थिर होगी.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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