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वनेजुएला के बाद ट्रंप के निशाने पर रूस का दोस्त, कहा- किसी ने इस देश को तेल सप्लाई की तो लगेगा टैरिफ; आदेश जारी

Updated at : 30 Jan 2026 10:27 AM (IST)
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Donald Trump issues executive order warning of tariffs on countries supplying oil to Cuba.

अपने ऑफिस में किसी ऑर्डर पर साइन करने के बाद दस्तावेज दिखाते डोनाल्ड ट्रंप. फोटो-एक्स(@WhiteHouse).

Donald Trump Tariffs Warning: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के ऊपर हमला करके दुनिया भर में दहशत फैला दी है. अब उन्होंने क्यूबा को निशाना बनाया है. उन्होंने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसमें लिखा गया है कि जो देश क्यूबा को तेल सप्लाई करेंगे, उन पर अमेरिका से व्यापार करने पर टैरिफ लगाया जाएगा.

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Donald Trump Tariffs Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश की नेशनल डिफेंस स्ट्रेटजी 2026 में मुनरो डॉक्ट्रिन की वापसी का जिक्र किया था. अब वह उसी पर काम करते दिख रहे हैं. वेनेजुएला में एक्शन लेने के बाद अब उनका निशाना बना है, क्यूबा. राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसमें क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है. इससे साम्यवादी द्वीप राष्ट्र पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है. मुनरो डॉक्ट्रिन, पश्चिमी गोलार्द्ध में अमेरिकी प्रभुत्व को स्थापित करने वाली नीति है, जो जेम्स मुनरो ने 1823 में पेश की थी. इसके तहत, एक तरह से अमेरिकी महाद्वीप में यूएस के हितों के खिलाफ कोई भी काम नहीं होगा. 

व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ‘ऐसे किसी विदेशी देश के उत्पादों के आयात पर अतिरिक्त एड वैलोरेम (मूल्य आधारित) शुल्क लगाया जा सकता है, जो सीधे या परोक्ष रूप से क्यूबा को किसी भी प्रकार का तेल बेचता या उपलब्ध कराता है.’ यह कदम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत उठाया गया है. जारी इस निर्देश में क्यूबा की कम्यूनिस्ट सरकार को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए असाधारण खतरा बताया गया है. 

इसमें आरोप लगाया गया है कि यह शासन (क्यूबा का) कई शत्रुतापूर्ण देशों, अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों और अमेरिका विरोधी दुष्ट तत्वों के साथ तालमेल रखता है और उन्हें समर्थन देता है. इनमें रूस, चीन और ईरान के साथ-साथ हमास और हिज्बुल्लाह का नाम शामिल किया गया है. बढ़ते दबाव के बीच, मेक्सिको ने अस्थायी रूप से क्यूबा को तेल आपूर्ति रोक दी है. यह की ट्रंप हवाना को और अलग-थलग करने की कोशिश का ही नतीजा है.

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि यह कदम ‘एक संप्रभु फैसला’ है और अमेरिकी दबाव का परिणाम नहीं है. मेक्सिको का यह तेल निलंबन क्यूबा की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़े असर वाला माना जा रहा है. अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेक्सिको और वेनेजुएला क्यूबा को ज्यादातर तेल सप्लाई कर रहे थे. लेकिन 3 जनवरी को पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक सैन्य अभियान में पकड़े जाने और अमेरिका ले जाए जाने के बाद वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति रुक गई.

क्यूबा को तेल कहां-कहां से तेल मिल रहा था?

पिछले महीने तक क्यूबा के तेल आयात में मेक्सिको की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत, वेनेजुएला की 33 प्रतिशत और रूस की लगभग 10 प्रतिशत थी, थोड़ी बहुत आपूर्ति अल्जीरिया से भी होती थी. मेक्सिको की सरकारी तेल कंपनी पेमेक्स (Pemex) ने बताया कि उसने 1 जनवरी से 30 सितंबर 2025 के बीच क्यूबा को लगभग 20,000 बैरल प्रतिदिन तेल भेजा. वेनेजुएला की आपूर्ति बंद होने के बाद मेक्सिको क्यूबा के लिए एक अहम, हालांकि सीमित, सहारा बन गया था.

ट्रंप ने पहले ही दी थी चेतावनी

ट्रंप ने हवाना के प्रति अपना रुख और सख्त कर लिया है. 11 जनवरी को ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा था, ‘अब क्यूबा को न तेल मिलेगा और न पैसा. शून्य! मैं उन्हें जोरदार सलाह देता हूं कि बहुत देर होने से पहले समझौता कर लें.’  उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘क्यूबा कई वर्षों तक वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल और पैसे पर जिंदा रहा.’ आयोवा की यात्रा के दौरान ट्रंप ने कहा कि क्यूबा ‘एक ऐसा देश है जो वास्तव में विफलता के बहुत करीब है.’

क्यूबा ने इन धमकियों को बताया- डकैती

इन फैसलों के बाद, अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, बोगोटा में एक क्यूबाई राजनयिक ने वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिशों को ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती’ बताया. कार्लोस दे सेस्पेडेस ने कहा कि क्यूबा तक तेल की आपूर्ति को सीमित और बाधित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हवाना 1959 की क्रांति के बाद के 67 वर्षों में पहले से कहीं अधिक अमेरिकी धमकियों का सामना कर रहा है.

हाल के दिनों में अमेरिका क्यूबा संबंध हुए खराब

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हवाना की सरकार को बहुत बड़ी समस्या बताया है. वहीं ट्रंप ने पब्लिकली कहा कि रुबियो एक दिन क्यूबा का नेतृत्व कर सकते हैं. मार्को क्यूबा मूल के ही हैं. उनके पिता 1956 में फिदेल कास्त्रो की सरकार आने से पहले फ्लोरिडा आ चुके थे. अमेरिका और क्यूबा के बीच कोल्ड वॉर के दौरान रूसी शासन की वजह से काफी तनातनी रही थी. हालांकि, 2014 में रिश्तों में आई थोड़ी नरमी आ, लेकिन अब एक बार फिर हवाना और वाशिंगटन के संबंध तनावपूर्ण हैं. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में क्यूबा पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे. 2019 में उन्होंने क्यूबाई क्रूज जहाजों पर रोक लगा दी थी.

क्यूबा की आर्थिक हालत है खराब

क्यूबा इस समय 1959 के बाद के अपने सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसका कारण ईंधन की कमी, बिजली कटौती और खाद्य व जल आपूर्ति में बाधाएं हैं. मेक्सिको और वेनेजुएला से तेल आपूर्ति घटने के साथ हालात और बिगड़ सकते हैं. वहीं अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के कारण 2018 से पर्यटन में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे वह आय भी कम हो गई है जो कभी सालाना 3 अरब डॉलर तक पहुंचती थी.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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