मौत के 3 महीने बाद अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी, इमाम रजा दरगाह में किया जाएगा दफन, जनाजे में करोड़ों लोग शामिल होंगे

Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 03 Jun 2026 12:59 PM

विज्ञापन

ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई. फोटो- एक्स.

Ali Khamenei Funeral: ईरान ने अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की रूपरेखा घोषित कर दी है. तेहरान में तीन दिन तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम और 24 घंटे का जनाजा जुलूस निकाला जाएगा. बाद में पार्थिव शरीर को कुम और मशहद ले जाया जाएगा.

विज्ञापन

Ali Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. अधिकारियों ने उनके सम्मान में तीन दिनों तक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने और 24 घंटे लंबे जनाजा जुलूस की योजना की घोषणा की है. यह अंतिम विदाई कार्यक्रम उनकी मौत के 3 महीने बाद आयोजित किया जा रहा है. उन्हें मशहद के इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के साझा हमले में उनकी मौत हो गई थी. 

राष्ट्रीय स्तर पर चल रही तैयारियां

ईरान की अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी, तस्मीन न्यूज के अनुसार, तेहरान के सांस्कृतिक और सामाजिक मामलों के उपमहापौर मोहम्मद अमीन तवक्कोलीजादेह ने बताया कि अंतिम विदाई, जनाजा और दफन से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में राष्ट्रीय संस्थानों के साथ-साथ देशभर की नगरपालिकाएं भी सहयोग कर रही हैं. उनके मुताबिक, श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के लिए तीन दिनों का विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है, जबकि राजधानी तेहरान में कम से कम 24 घंटे तक जनाजा जुलूस निकाले जाने की योजना है. 

अंतिम श्रद्धांजलि स्थल पर फैसला बाकी

अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धांजलि समारोह के लिए स्थान को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. इसके लिए तेहरान के मुसल्ला (ग्रैंड प्रेयर्स हॉल) और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी के मकबरे के बीच विचार-विमर्श चल रहा है. प्रशासन का कहना है कि जल्द ही अंतिम स्थल की घोषणा कर दी जाएगी. अमूमन किसी की मौत के बाद तुरंत ही अंतिम संस्कार किया जाता है, लेकिन ईरान जंग की वजह से उनके जनाजे में इतनी देरी हो रही है.

तेहरान के बाद कुम और मशहद ले जाया जाएगा पार्थिव शरीर

तवक्कोलीजादेह ने बताया कि तेहरान में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अयातुल्ला खामेनेई के पार्थिव शरीर को पहले पवित्र शहर कुम ले जाया जाएगा. वहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होने के बाद पार्थिव शरीर को मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां अंतिम चरण के आयोजन संपन्न होंगे.

इमाम रजा की दरगाह में होगा अंतिम संस्कार

अधिकारियों की सिफारिशों के आधार पर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विश्राम स्थल के रूप में मशहद स्थित इमाम रजा की पवित्र दरगाह को चुना गया है. बताया गया है कि उत्तर-पूर्वी ईरान के इस धार्मिक शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि तेहरान में इस अंतिम यात्रा में करीब दो करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं. 

विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि मशहद में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं. खासतौर पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भारत, बांग्लादेश और कश्मीर क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना जताई गई है.

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

तवक्कोलीजादेह ने बताया कि अस्तान कुद्स रजवी संगठन और खुरासान रजवी प्रांत में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने श्रद्धालुओं के स्वागत और अंतिम संस्कार कार्यक्रमों के संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं तैयार की हैं. अधिकारियों का कहना है कि लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा, आवास, यातायात और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक प्रबंधन किया जा रहा है, ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकें.

ये भी पढ़ें:- जापान में बिना परमिशन तामीर हुई मस्जिद, इफ्तिताह में शामिल थे पाकिस्तानी राजदूत; अब चल सकता है बुलडोजर!

ये भी पढ़ें:- 40 साल बाद बांग्लादेश को मिली बड़ी वैश्विक जिम्मेदारी, UN महासभा की कमान संभालेंगे विदेश मंत्री खलीलुर रहमान

मोजतबा खामेनेई ने संभाली कमान

86 साल के दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई ने 37 साल तक ईरान का शासन संभाला. उन्होंने अगस्त 1989 से फरवरी 2026 तक ईरान से इस्लामिक तंत्र को एक धुरी पर बनाए रखा. उनके बाद उनके बेटे मोजतबा अली खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया है. अमेरिका और ईरान के हमले में उनके भी घायल होने की खबरें सामने आई थीं. हालांकि, 28 फरवरी से शुरू हुई इस  ईरान जंग के बाद से वह सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं. 

विज्ञापन
Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola