विश्वभारती में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प, पुलिस बल तैनात

Updated:
विज्ञापन
विश्वभारती विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई समर्थकों की झड़प.

विश्वभारती विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एसएफआई समर्थकों की झड़प.

विश्वभारती विश्वविद्यालय परिसर में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें कई छात्र घायल हुए. 'भारत माता की जय' के नारों के बाद शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया. पुलिस ने स्थिति संभाली.

विज्ञापन

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

विश्वभारती विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार (18 जुलाई 2026) को उस समय तनाव फैल गया, जब दिल्ली में चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में आयोजित एक अनशन के दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गये. दोनों पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गये. घटना विश्वविद्यालय परिसर के हिंदी भवन के समक्ष हुई, जहां छात्रों का एक गुट 24 घंटे के शांतिपूर्ण अनशन पर बैठा था.

‘भारत माता की जय’ के नारों के बाद बढ़ा विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों और अनशन पर बैठे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समर्थकों का आरोप है कि उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था. तभी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कुछ सदस्य वहां पहुंचे और अचानक ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे. नारे लगते ही दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गयी. कुछ ही मिनटों में धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गयी. इस अप्रत्याशित घटना से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गयी.

निजी सुरक्षाकर्मी और पुलिस ने संभाला मोर्चा

हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय के कई प्रोफेसर और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. छात्रों को शांत कराने की कोशिश की. विश्वभारती के निजी सुरक्षाकर्मियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों गुटों को अलग किया और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया. घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची. फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है.

ये भी पढ़ें: विश्वभारती में स्नातक छात्रा की हुई अस्वाभाविक मौत, विद्यार्थियों में रोष

एसएफआई-एबीवीपी ने एक-दूसरे पर मढ़े आरोप

हिंसक टकराव के बाद दोनों ही छात्र संगठनों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मारपीट व उकसावे की कार्रवाई करने के आरोप अपने प्रतिद्वंद्वी पर लगा रहे हैं. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल परिसर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है. पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: बंगाल के शांतिनिकेतन में अशांति, विश्व भारती में एबीवीपी और एसएफआई के बीच झड़प


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola