झारखंड-बंगाल सीमा पर बालू का अवैध कारोबार, बीरभूम प्रशासन ने किये दो ट्रक जब्त

Author Mukesh tiwari|Edited by Ashish Jha
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फोटो। | Prabhat Khabar Network

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बीरभूम प्रशासन ने झारखंड से पश्चिम बंगाल में हो रही अवैध बालू तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। दो बालू लदे ट्रकों को जब्त कर ₹50-50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में हड़कंप मचाने वाली है।

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बीरभूम. झारखंड से पश्चिम बंगाल में हो रही कथित अवैध बालू तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बालू लदे ट्रकों को जब्त किया है. दोनों वाहनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में सक्रिय बालू कारोबारियों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बिना वैध दस्तावेज और चालान के सीमा पार कर बालू परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा.

बंगाल में बेचा जाता है अवैध बालू

जानकारी के अनुसार, बीरभूम जिले के मुरारई से सटी झारखंड-बंगाल सीमा लंबे समय से अवैध बालू परिवहन को लेकर चर्चा में रही है. आरोप है कि झारखंड के नाला क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में बालू से लदे ट्रक और डंपर महेशपुर होते हुए मुरारई के रास्ते पश्चिम बंगाल में प्रवेश करते हैं. इसके बाद यह बालू मुर्शिदाबाद, मालदा समेत राज्य के विभिन्न जिलों में पहुंचाया जाता है.स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई वाहन आवश्यक वैध दस्तावेजों और चालान के बिना ही सीमा पार कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ अवैध खनन को भी बढ़ावा मिल रहा है.

शिकायतों के बाद कार्रवाई

लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर मिली सूचनाओं के बाद सीमा क्षेत्र में निगरानी तेज कर दी गई. इसी क्रम में मुरारई-1 ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ), भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारियों तथा मुरारई थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीमा क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया.अभियान के दौरान सीमा से गुजर रहे बालू लदे ट्रकों की गहन जांच की गई और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया.जांच के दौरान दो ट्रकों के दस्तावेज और चालान में अनियमितता मिलने पर प्रशासन ने तत्काल दोनों वाहनों को जब्त कर लिया.

दोनों ट्रकों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोनों ट्रकों पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है. इसके साथ ही यह पता लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है कि अवैध परिवहन के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा बालू की खेप कहां से लाई जा रही थी और किस गंतव्य तक पहुंचाई जानी थी.प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित रूप से इसी तरह अभियान चलाया जाए तो अवैध बालू तस्करी पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है.

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कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग

लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उधर, प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, बिना वैध चालान बालू परिवहन और सरकारी राजस्व की चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.सीमा क्षेत्र में निगरानी और सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध बालू कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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