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IMF: वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर इस साल 3.2 फीसदी रहने का अनुमान, मुद्रास्फीति घटकर 5.9 फीसदी रहने की उम्मीद

Updated at : 16 Apr 2024 9:26 PM (IST)
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IMF: बिना आर्थिक नुकसान के महंगाई पर काबू पाये जाने के साथ उत्पादन बना रहेगा. मुद्राकोष ने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में इस साल वैश्विक वृद्धि दर 3.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.

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IMF: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने इस साल के लिए वैश्विक वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 3.2 फीसदी कर दिया है. उसने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का परिदृश्य उज्ज्वल बना हुआ है, बिना आर्थिक नुकसान के महंगाई पर काबू पाये जाने के साथ उत्पादन बना रहेगा. मुद्राकोष ने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में इस साल वैश्विक वृद्धि दर 3.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया. यह जनवरी में जताये गये 3.1 फीसदी के अनुमान से अधिक है. वृद्धि दर का यह स्तर 2023 के बराबर है. विश्व आर्थिक परिदृश्य के अनुसार, 2025 में भी वृद्धि दर 3.2 फीसदी रहने की संभावना जतायी है. अगर ऐसा होता है तो यह लगातार तीसरा साल होगा जब वृद्धि दर इस स्तर पर होगी. मुद्राकोष ने ताजा आकलन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में अप्रत्याशित रूप से मजबूत वृद्धि से गति मिल रही है.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.7 फीसदी रहेगी- IMF

आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2.7 फीसदी रहेगी, जो जनवरी में जताये गये अनुमान 2.1 फीसदी से ज्यादा है. यह 2023 में 2.5 फीसदी की वृद्धि से भी अधिक है. हालांकि, दुनियाभर में कीमतों में तेज वृद्धि एक बाधा बनी हुई है. मुद्राकोष का अनुमान है कि वैश्विक मुद्रास्फीति पिछले साल के 6.8 फीसदी से घटकर 2024 में 5.9 फीसदी और अगले साल 4.5 फीसदी हो जाएगी. दुनिया की विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति इस साल घटकर 2.6 फीसदी और 2025 में दो फीसदी रहने का अनुमान है. यह 2023 में 4.6 फीसदी थी.

मुद्रास्फीति में कमी का कारण उच्च ब्याज दर का असर है. अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, यूरोपीय केंद्रीय बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने मुद्रास्फीति को घटाकर दो फीसदी के आसपास लाने के लिए नीतिगत दर में तेजी से बढ़ोतरी की है. मुद्राकोष ने आगाह किया है कि उच्च ब्याज दर के प्रतिकूल प्रभाव और गाजा में युद्ध सहित वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनावों से आर्थिक वृद्धि बाधित हो सकती है. वैश्विक स्तर पर जारी तनाव से व्यापार बाधित होने और ऊर्जा और अन्य सामानों की कीमतें बढ़ने का जोखिम है.

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की वृद्धि दर 2024 में 4.6 फीसदी और अगले वर्ष 4.1 फीसदी रहने का अनुमान है. जबकि 2023 में इसकी वृद्धि दर 5.2 फीसदी थी. वहीं दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जापान की वृद्धि दर 2024 में 0.9 फीसदी रहने की संभावना है जो बीते वर्ष 1.9 फीसदी थी.यूरो क्षेत्र की वृद्धि दर इस साल 0.8 फीसदी रहने का अनुमान है जो 2023 की वृद्धि दर से दोगुनी है. ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर 2024 में 0.5 फीसदी और अगले साल 1.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जो 2023 में 0.1 फीसदी थी.

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