Hamas Lashkar Meeting: हाल ही में पाकिस्तान में हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ नेताओं की एक सार्वजनिक बैठक हुई. यह सिर्फ एक आम मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसे कई विशेषज्ञ एक ऑपरेशनल और विचारधारात्मक नजदीकी के तौर पर देख रहे हैं. यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान में दोनों संगठनों के बीच तालमेल बढ़ रहा है.
Hamas Lashkar Meeting in Hindi: कहां और कैसे हुई बैठक
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक गुझरांवाला में हुई, जहां हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर और LeT के कमांडर राशिद अली संधू एक ही मंच पर नजर आए. इस कार्यक्रम का आयोजन पाकिस्तान मार्काजी मुस्लिम लीग (PMML) ने किया था, जिसे आमतौर पर लश्कर का राजनीतिक चेहरा माना जाता है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों नेता एक साथ खड़े दिख रहा है और नाजी जहीर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल था. हालांकि प्रभात खबर ने इस वीडिय सही है या नहीं इसको स्वतंत्र रूप से जांचा नहीं है. (Hamas Lashkar Meeting Pakistan Growing Terror Ties Watch Video in Hindi)
An undated video shows Hamas operative Naji Zaheer meeting a Lashkar commander in Gujranwala, with confirmed links to PoK.
— Zaara Nazir زارا نذیر (@NazirZaara) January 7, 2026
From Kashmir, this reinforces #Pakistan’s ISI-backed terror ecosystem exporting violence while denying accountability. pic.twitter.com/kdGlegYbUN
पुराने संबंध और गतिविधियां
नाजी जहीर की पाकिस्तान यात्रा कोई नई बात नहीं है. एनडीटीवी के अनुसार, उसने पिछले कुछ सालों में कई बार पाकिस्तान का दौरा किया है और वहां के इस्लामिस्ट और मिलिटेंट नेटवर्क से जुड़ा है. फरवरी 2025 में उसने पाकिस्तान-निर्देशित कश्मीर (PoK) का दौरा किया जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के साथ भारत विरोधी रैली में शामिल हुआ.
उसकी पाकिस्तान यात्रा 2023 से चल रही है जब वो कराची और इस्लामाबाद में मीडिया इवेंट और इस्लामिस्ट संगठनों के स्वागत समारोह में दिखाई दिया था. लगातार और सार्वजनिक मुलाकातें यह दिखाती हैं कि हमास के लोग पाकिस्तान में सक्रिय हैं और समान विचारधारा वाले समूहों से रिश्ते बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है. भारत और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से पाकिस्तान आधारित आतंक समूहों और वैश्विक जिहादी नेटवर्क के बीच संबंधों पर नजर रखती रही हैं. पाकिस्तान हमेशा कहता रहा है कि वह अपने यहां आतंकवादियों को पनपने नहीं देता, लेकिन ऐसी सार्वजनिक बैठकें इसके विपरीत संकेत देती हैं. हालांकि इस्लामाबाद ने इस मीटिंग पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अगर हमास और पाकिस्तान आधारित समूहों के बीच यह तालमेल साझा योजना, संसाधन या संयोजित कार्रवाई में बदलता है, तो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह गंभीर मुद्दा बन सकता है.
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