Delta Force: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हाल ही में हालात काफी गर्म हो गए हैं. अचानक काराकस में धमाकों की खबरें आईं और उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा खुलासा किया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है. ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन शानदार था और मादुरो को देश से बाहर ले जाया गया. उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इस मिशन में बहुत सोच-समझकर योजना बनाई गई थी और इसमें बेहतरीन सैनिक शामिल थे.
Delta Force in Hindi: अमेरिका का डेल्टा फोर्स क्या है?
इस मिशन के पीछे अमेरिकी सेना की सबसे गुप्त और खतरनाक टीम, डेल्टा फोर्स रही. आधिकारिक नाम है 1st Special Forces Operational Detachment–Delta (1st SFOD-D). डेल्टा फोर्स का काम मुख्य रूप से आतंकवाद से लड़ना, हाई-प्रोफाइल लक्ष्यों को पकड़ना या खत्म करना और खतरे वाले मिशनों को अंजाम देना है. यह यूनिट अक्सर सीआईए के साथ मिलकर संवेदनशील ऑपरेशन करती है और खतरनाक क्षेत्रों में अमेरिकी नेताओं की सुरक्षा भी संभालती है. इस यूनिट की स्थापना 1977 में कर्नल चार्ल्स बेकविथ ने की थी. बेकविथ ने ब्रिटिश SAS में काम करने के बाद यह यूनिट बनाई, क्योंकि उन्हें लगा कि दुनिया में बढ़ते आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका को एक विशेष टीम की जरूरत है. (Delta Force What Is US Military Unit That Captured Venezuela President Maduro in Hindi)
डेल्टा फोर्स में शामिल होना आसान नहीं
डेल्टा फोर्स में भर्ती सिर्फ अमेरिकी सेना के भीतर से होती है. ज्यादातर सैनिक Ranger Regiment और Special Forces से आते हैं. उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे सेना में काम कर रहे हों, उनका रैंक सही हो और कम से कम दो साल और आधा सेवा अवधि बची हो. चयन प्रक्रिया बेहद कठिन है. शारीरिक शक्ति, मानसिक ताकत और सहनशीलता की कड़ी परीक्षा ली जाती है. 100 उम्मीदवारों में से लगभग 90 इस परीक्षा में फेल हो जाते हैं. रिटायर्ड डेल्टा फोर्स सदस्य एरिक एल. हानी बताते हैं कि प्रशिक्षण में कभी-कभी FBI से बचकर वॉशिंगटन डीसी में एक मीटिंग तक पहुंचना भी शामिल होता था.
डेल्टा फोर्स के खतरनाक मिशन
डेल्टा फोर्स ने अमेरिकी इतिहास में कई खतरनाक और बड़े मिशनों में हिस्सा लिया है. 1979 में ईरान हॉस्टेज क्राइसिस के दौरान ऑपरेशन ईगल क्लॉ में यह यूनिट काम आई थी, हालांकि मिशन असफल रहा. 1993 में सोमालिया में सोमाली वारलॉर्ड मुहम्मद फ़राह ऐदिद को पकड़ने की कोशिश हुई, जिसमें ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर गिर गए और कई डेल्टा ऑपरेटर मारे गए.
2003 में इराक के सद्दाम हुसैन को पकड़ना, 2012 में लिबिया के त्रिपोली में अमेरिकी दूतावास से कर्मचारियों को निकालना और 2019 में इस्लामिक स्टेट के नेता अबु बक्र अल-बगदादी का ऑपरेशन ये सभी डेल्टा फोर्स के खतरनाक मिशनों में शामिल हैं. जैसे एक अधिकारी ने कहा कि वे अमेरिकी सेना की सबसे तेज और खतरनाक टीम हैं.
मादुरो की गिरफ्तारी और वैश्विक प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान के बाद वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी की लोकेशन अज्ञात है और उन्होंने इमीडिएट प्रूफ ऑफ लाइफ की मांग की. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डेल्टा फोर्स के सैनिक मादुरो को हिरासत में लेने के लिए जिम्मेदार थे. रूस से लेकर ईरान ने इसका विरोध किया है. वहीं स्पेन ने इस युद्ध को लेकर कहा है कि आगे आकर वह मध्यस्ता कर सकता है.
ये भी पढ़ें:
कौन हैं सिलिया फ्लोरेस? वेनेजुएला की सबसे ताकतवर महिला, जिन्हें ट्रंप की सेना ने देश से अगवा किया!
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद रूस-ईरान ने की कड़ी निंदा, स्पेन ने मध्यस्थ बनने का प्रस्ताव रखा
वेनेजुएला में तख्तापलट? मादुरो पत्नी के साथ गिरफ्तार, देश से बाहर ले जाए जाने का ट्रंप ने किया दावा

