अफगानिस्तान- पाकिस्तान युद्ध: ख्वाजा आसिफ बोले 'खुली जंग' जारी, पाक ने फिर किया हमला

अफगानिस्तान-पाकिस्तान युद्ध, फोटो- पीटीआई
अफगानिस्तान के कथित हमले के बाद रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने ‘खुली जंग’ की बात कही है. पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में काबुल, कंधार और पक्तिया में हमलों का दावा किया. दोनों देशों की सरकारों ने हताहतों की संख्या और नुकसान को लेकर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दावे किए हैं. दोनों पक्षों का कहना है कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को भारी क्षति पहुंचाई है.
Afghanistan Pakistan Conflict: अफगानिस्तान की ओर से कथित हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा है कि उनके देश का धैर्य अब समाप्त हो चुका है और अफगानिस्तान के साथ ‘खुली जंग’ की स्थिति बन गई है. इस्लामाबाद का दावा है कि अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार हमला किया गया, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने कार्रवाई की. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हमलों का सिलसिला शुरू हो गया. रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद थी कि नाटो बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति स्थापित होगी और तालिबान सरकार अफगान जनता की भलाई तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान देगी. हालांकि, उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने लिखा “अब पाकिस्तान का धैर्य जवाब दे चुका है. हमारे बीच खुली जंग की स्थिति है.” ख्वाजा आसिफ की इन टिप्पणियों पर अफगानिस्तान सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
अफगानिस्तान के कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना का हमला
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने राजधानी काबुल के अलावा दक्षिणी शहर कंधार और दक्षिण-पूर्वी पक्तिया प्रांत में हवाई हमले किए हैं. वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई अफगानिस्तान की ओर से किए गए सीमा पार हमलों के जवाब में की गई. लगातार जारी हमलों के बीच कतर की मध्यस्थता में हुआ अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्षविराम कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. दोनों देशों की सरकारों ने हताहतों की संख्या और नुकसान को लेकर एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दावे किए हैं. दोनों पक्षों का कहना है कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी को भारी क्षति पहुंचाई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
55 सैनिक मारे गए- 19 चौकियां ध्वस्त- अफगानिस्तान का दावा
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार रात जारी बयान में दावा किया कि हालिया झड़पों में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं. मंत्रालय के अनुसार, कुछ सैनिकों के शव अफगानिस्तान लाए गए हैं और कई अन्य को पकड़ लिया गया है. मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस संघर्ष में उसके आठ सैनिक मारे गए, जबकि 11 घायल हुए हैं. अफगान पक्ष का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना की 19 चौकियों और दो सैन्य अड्डों को नुकसान पहुंचाया गया है. बयान में कहा गया कि गुरुवार को शुरू हुआ यह संघर्ष करीब चार घंटे तक चला और आधी रात के आसपास थम गया.
पाकिस्तान ने खारिज किया अफगानिस्तान का दावा
इधर, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अफगानिस्तान के आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि हालिया झड़पों में दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ अली जैदी ने किसी भी पाकिस्तानी सैनिक के पकड़े जाने की खबरों से साफ इनकार किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में उन्होंने दावा किया कि अफगानिस्तान के कम से कम 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और नौ लड़ाकों को पकड़ लिया गया. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये हताहत किस सटीक स्थान पर हुए. इतना जरूर बताया गया कि काबुल, पक्तिया और कंधार में सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों में अफगान पक्ष को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
अफगानिस्तान की सेना ने लहराए सफेद झंडे – पाकिस्तानी सेना
अफगानिस्तान–पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच इस्लामाबाद में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि सीमा की कुछ चौकियों पर अफगानिस्तान की सेना ने सफेद झंडे लहराए. आमतौर पर सफेद झंडा गोलीबारी रोकने या संघर्षविराम का संकेत माना जाता है. अधिकारियों ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर कहा कि पाकिस्तानी सैनिक अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से कथित तौर पर बिना उकसावे की गई कार्रवाई का उचित जवाब दे रहे हैं और उन्होंने सीमा पर तालिबान की कई महत्वपूर्ण चौकियों को नष्ट कर दिया है. इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान सरकार पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान के नागरिकों को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित कर रही है, जिनमें महिलाओं के अधिकार भी शामिल हैं. हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस विवरण या साक्ष्य सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया है. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
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By Pritish Sahay
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