Cilia Flores: वेनेजुएला की राजनीति में जब भी ताकतवर लोगों की बात होती है, तो सिर्फ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का नाम नहीं लिया जाता, बल्कि उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का नाम भी उतनी ही मजबूती से सामने आता है. अब वही सिलिया फ्लोरेस दुनिया की सुर्खियों में हैं, क्योंकि अमेरिका ने दावा किया है कि उसने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेज दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद वेनेजुएला से लेकर संयुक्त राष्ट्र तक हलचल तेज हो गई है.
ट्रंप का दावा- हमला, गिरफ्तारी और देश से बाहर ले जाना
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में बड़ा सैन्य हमला किया. ट्रंप के अनुसार, इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया गया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया. इसके बाद अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने बताया कि न्यूयॉर्क में मादुरो और सिलिया फ्लोरेस पर नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंक से जुड़े आरोप और हथियारों से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं. (Cilia Flores Who Is Venezuela Most Powerful First Lady in Hindi)
Cilia Flores in Hindi: कौन हैं सिलिया फ्लोरेस?
सिलिया फ्लोरेस का जन्म 15 अक्टूबर 1956 को वेनेजुएला के छोटे से शहर टिनाक्विलो में हुआ था. वे छह भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनका बचपन बहुत गरीबी में बीता. वे मिट्टी की दीवारों वाले घर में रहती थीं, जहां फर्श तक नहीं था. उनके पिता अलग-अलग शहरों में घूमकर सामान बेचते थे. बाद में परिवार बेहतर जिंदगी की तलाश में काराकस चला गया. काराकस में सिलिया फ्लोरेस ने क्रिमिनल लॉ की पढ़ाई की. छात्र जीवन में वे राजनीति से दूर रहीं. वे एक पुलिस स्टेशन में पार्ट-टाइम काम करती थीं, जहां गवाहों के बयान टाइप करती थीं. उन्होंने एक पुलिस डिटेक्टिव से शादी की और उनके तीन बेटे हुए. कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे करीब 10 साल तक प्राइवेट वकील के तौर पर काम करती रहीं.
1989 का दंगा, जिसने रास्ता बदल दिया
साल 1989 में कराकस में काराकाजो दंगे हुए. पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के बाद शहर में हिंसा फैल गई. रॉयटर्स के अनुसार, सिलिया फ्लोरेस ने बाद में कहा कि इसी घटना ने उन्हें राजनीति और क्रांति की ओर मोड़ा. यही वह समय था, जब सेना में मौजूद एक अफसर ह्यूगो चावेज़ भी सरकार के खिलाफ खड़े हुए.
ह्यूगो चावेज से जुड़ाव
1992 में ह्यूगो चावेज का तख्तापलट नाकाम हुआ और वे जेल चले गए. सिलिया फ्लोरेस ने खुलकर उनका समर्थन किया. उन्होंने दीवारों पर चावेज का नाम लिखा, उन्हें पत्र भेजे और मुफ्त कानूनी मदद की पेशकश की. चावेज ने यह मदद स्वीकार कर ली. जेल में रहते हुए सिलिया फ्लोरेस, चावेज के समर्थकों के पत्रों का जवाब देने लगीं.
निकोलस मादुरो से मुलाकात
इसी दौर में सिलिया फ्लोरेस की मुलाकात निकोलस मादुरो से हुई. मादुरो उस समय यूनियन नेता थे और चावेज के सलाहकार भी. मादुरो ने बाद में सिलिया को तेज स्वभाव वाली और मजबूत सोच की महिला बताया. दोनों अपने-अपने जीवनसाथियों से अलग हो रहे थे और बाद में एक-दूसरे के करीब आ गए.
चावेज की सत्ता और सिलिया की बढ़ती ताकत
1994 में चावेज को राष्ट्रपति पद के लिए माफी मिली. सिलिया फ्लोरेस ने उन्हें सलाह दी कि वे सेना की छवि छोड़ें और गरीबों की आवाज बनें. 1998 में चावेज राष्ट्रपति बने. 2000 में सिलिया फ्लोरेस नेशनल असेंबली की सदस्य चुनी गईं. 2007 में वे संसद की अध्यक्ष बनीं और विपक्ष पर खुलकर हमला बोला. 2012 में चावेज ने उन्हें अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया.
फर्स्ट लेडी बनने के बाद
मार्च 2013 में ह्यूगो चावेज की मौत हो गई. इसके बाद निकोलस मादुरो राष्ट्रपति बने. जुलाई 2013 में मादुरो और सिलिया फ्लोरेस ने शादी की. फर्स्ट लेडी बनने के बाद सिलिया सिर्फ औपचारिक भूमिका में नहीं रहीं. वे सत्ता के फैसलों में सीधी भागीदारी करने लगीं. उन्होंने खुद को पहली क्रांतिकारी योद्धा कहा. आलोचक उन्हें सत्ता के पीछे की सबसे मजबूत ताकत बताते हैं और कुछ ने उन्हें “लेडी मैकबेथ” तक कहा.
अमेरिका के हमले और वेनेजुएला का पलटवार
अमेरिका के हमले के बाद वेनेजुएला ने आरोप लगाया कि अमेरिकी मिसाइलें रिहायशी इलाकों पर गिरीं. आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ी. रक्षा मंत्री व्लादिमिर पाद्रिनो लोपेज़ ने कहा कि देश जमीन, हवा, समुद्र और मिसाइलों के जरिए जवाब देगा. वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा है. इसलिए वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक की मांग की है.
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