सेकंड हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय क्या-क्या चेक करना चाहिए? जानें यहां

एक व्यक्ति सड़क किनारे दूसरे व्यक्ति को सेकेंड-हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर की चाबी सौंपते हुए (Photo: AI Generated)
Second Hand Electric Scooter: अगर आप सोच रहे हैं कि सेकेंड-हैंड मार्केट से इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना सेफ है या नहीं, तो चिंता मत कीजिए. यहां हम आपके लिए एक आसान और झटपट चेकलिस्ट लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप पहले ही बड़े मुद्दों को पहचान सकते हैं. आइए देखते हैं इन्हें.
Second Hand Electric Scooter: भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की डिमांड हाई हो चुकी है. अब मार्केट में इनके सेकेंड-हैंड मॉडल भी दिखने लगे हैं. ऐसे में अगर आप पहली बार EV खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके मन में ये सवाल आना बिल्कुल स्वाभाविक है कि क्या नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना सही रहेगा, या फिर सेकेंड-हैंड लेना भी उतना ही सेफ ऑप्शन है.
दरअसल, यूज्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर लेते समय कुछ खास चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इनमें इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी से जुड़े अलग तरह के पार्ट्स और फीचर्स होते हैं. आइए यूज्ड इलेक्ट्रिक स्कूटर लेते समय किन-किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.
बैटरी, चार्जिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिक मोटर चेक करें
अगर आप सेकेंड हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो कुछ अहम हिस्सों को ध्यान से देखना बहुत जरूरी है. जैसे बैटरी, चार्जिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिक मोटर. किसी भी इलेक्ट्रिक स्कूटर की जान उसकी बैटरी होती है. इसलिए सबसे पहले देखें कि उसमें ज्यादा घिसावट तो नहीं है और क्या वह ठीक से चार्ज पकड़ रही है. अच्छी हालत में मौजूद बैटरी स्कूटर की लाइफ काफी बढ़ा देती है.
चार्जिंग पोर्ट और केबल्स चेक करें
इसके बाद चार्जिंग पोर्ट और केबल्स को भी ध्यान से चेक करें. कहीं कट, ढीलापन या डैमेज तो नहीं है, क्योंकि चार्जिंग सिस्टम सही काम करेगा तभी स्कूटर बिना परेशानी के चार्ज हो पाएगा. वहीं मोटर और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स को टेस्ट करते समय किसी भी तरह की अजीब आवाज या गड़बड़ी पर खास ध्यान दें.
सर्विस रिकॉर्ड देखें
आप चाहें तो इलेक्ट्रिक स्कूटर का पूरा सर्विस रिकॉर्ड ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से निकलवाकर भी देख सकते हैं. साथ ही फ्लोर बोर्ड के नीचे और मोटर हाउसिंग के ऊपर ध्यान से जांच करें कि कहीं पानी घुसने के निशान तो नहीं हैं. जहां-जहां वायरिंग या इलेक्ट्रिकल कनेक्शन खुले दिखें, उन्हें भी ठीक से चेक करना जरूरी है.
फॉल्ट हिस्ट्री और पेंडिंग सर्विस नोटिफिकेशन चेक करें
स्कूटर की फॉल्ट हिस्ट्री और पेंडिंग सर्विस नोटिफिकेशन चेक कर लें. जिन स्कूटर्स में स्मार्ट डिस्प्ले होता है, उनमें ये जानकारी आसानी से मिल जाती है. आप मालिक से कह सकते हैं कि वो स्कूटर के हेल्थ अलर्ट्स और रिपोर्ट दिखा दे. अच्छी बात ये है कि कनेक्टेड फीचर्स वाले ज्यादातर स्कूटर्स में ये सारी डिटेल मोबाइल ऐप पर भी आसानी से देखी जा सकती है.
यह भी पढ़ें: आखिर काले रंग के ही क्यों होते हैं टायर? कइयों को नहीं पता इसके पीछे की वजह
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ankit Anand
अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




