Britain’s Dev Law on Road Safety: ब्रिटेन ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को अपनी सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने और हजारों जानें बचाने के उद्देश्य से अपनी पहली राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा रणनीति पेश की है. यह पहल 10 सालों में सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेने की दिशा में सरकार का सबसे बड़ा कदम है. इसमें ड्रिंक-ड्राइविंग, युवा और वरिष्ठ चालकों, वाहन सुरक्षा तकनीकों और प्रशिक्षण मानकों जैसे कई क्षेत्रों में सख्त बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. इस रणनीति के तहत कई नए नियमों का प्रस्ताव है, जिनमें ‘देव लॉ’ जैसे नाम भी शामिल हैं. यह 2018 में सड़क हादसे में मारे गए आठ साल के भारतीय मूल के लड़के देव नारन के नाम पर रखा गया है.
‘देव लॉ’ और वाहन सुरक्षा तकनीकें
ब्रिटेन की परिवहन विभाग (डीएफटी) की नई रोड सेफ्टी स्ट्रैटेजी 2026 के केंद्रबिंदु में ‘देव लॉ’ है, जिसके तहत सभी नए वाहनों में स्वचालित आपात ब्रेकिंग (AEB) जैसी उन्नत सुरक्षा तकनीकों को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. यह तकनीक संभावित टकराव का पता लगाकर वाहन को स्वतः धीमा कर देती है, जिससे दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है. इस कानून का नाम 2018 में मारे गए देव नारन के स्मरण में रखा गया है, जिनकी मां मीरा नारन ने तब से सक्रिय रूप से सड़क सुरक्षा सुधारों के लिए अभियान चलाया है.
नए वाहनों में स्वचालित आपात ब्रेकिंग (एईबी) को अनिवार्य किए जाने के पीछे देव की मां मीरा नारन हैं. मीरा सात साल पहले एक दुखद सड़क दुर्घटना में अपने बेटे को खोने के बाद से अभियान चला रही हैं. लेस्टर में डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी में वरिष्ठ व्याख्याता नारन ने कहा, ‘‘मैं इस बहुप्रतीक्षित सड़क सुरक्षा रणनीति का स्वागत करती हूं और यह देखकर खुश हूं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करने के लिए कई उपाय किए गए हैं.’’
ब्रिटेन का लक्ष्य 2035 तक सड़क पर होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कुल मिलाकर 65 प्रतिशत तक कम करना है. इसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यह लक्ष्य 70 प्रतिशत तक रखा गया है. इसे लागू करने के लिए सरकार ने शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने की सीमा, वरिष्ठ चालक परीक्षण और ड्राइवर प्रशिक्षण में बड़े सुधार सहित कई उपायों का सुझाव दिया है. परिवहन विभाग (डीएफटी) ने कहा कि उसकी नई सड़क सुरक्षा रणनीति शराब पीकर गाड़ी चलाने पर रोक लगाकर, युवा प्रशिक्षु चालकों के प्रशिक्षण में सुधार करके और उम्रदराज वाहन चालकों के लिए अनिवार्य नेत्र परीक्षण शुरू करके ब्रिटेन की सड़कों पर हजारों लोगों की जान बचाएगी.
युवा और वरिष्ठ चालकों के लिए सख्त मानक
सड़क सुरक्षा रणनीति में युवा प्रशिक्षु चालकों के लिए नए नियम प्रस्तावित हैं. सरकार इसके तहत इस बात पर विचार कर रही है कि प्रैक्टिकल ड्राइविंग टेस्ट देने से पहले सीखने की न्यूनतम अवधि 3 से 6 महीने रखी जाए ताकि नई सीख रहे चालकों को अधिक अभ्यास मिल सके, क्योंकि युवा चालक दुर्घटनाओं में असामान्य रूप से उच्च जोखिम लेकर चलते हैं.
वहीं 70 वर्ष से अधिक उम्र के चालकों के लिए अनिवार्य नेत्र परीक्षण और संभवतः अन्य स्वास्थ्य मूल्यांकन नियमों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्र बढ़ने के प्रभाव सड़क पर सुरक्षा को प्रभावित न करें.
सरकार शराब पीकर गाड़ी चलाने की कानूनी सीमा को भी कम करने पर विचार कर रही है, जो अब तक यूरोप में सबसे उच्च स्तर पर है, ताकि शराब से प्रेरित दुर्घटनाओं को और घटाया जा सके. साथ ही, ड्रग-प्रभावित ड्राइविंग के लिए सख्त नियम, लाइसेंस निलंबन की शक्तियां, और सक्रिय जांच तकनीकों को लागू करने की पहल भी की जा रही है
नए लॉ से व्यापक दृष्टिकोण और प्रभाव
डीएफटी की रणनीति केवल नियमों के बदलाब तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क उपयोगकर्ताओं, वाहन निर्माताओं और स्थानीय प्राधिकरणों को मिलकर सुरक्षा मानकों में सुधार करने को प्रेरित करती है. सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, ऐसी व्यापक नीति से ब्रिटेन की सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में बड़े पैमाने पर कमी आ सकती है, अगर इसे समयबद्ध और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए. ब्रिटेन की नई सड़क सुरक्षा रणनीति तकनीकी सुधार, कड़े नियम और व्यापक जागरूकता से सड़क सुरक्षा को सुधारने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो भविष्य में दुर्घटना दर को काफी हद तक कम कर सकता है.
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