Bangladesh Violence Against Hindus: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा कम होने का नाम ही नहीं ले रही. पिछले 15 दिनों में अब तक लगभग 4 जानलेवा घटनाएं सामने आई हैं. गुरुवार को एक हिंदू व्यापारी पर धारदार हथियारों से हमला कर उसे आग के हवाले किए जाने की घटना ने समुदाय में डर और चिंता को और बढ़ा दिया है. पीड़ित खोकन दास की पत्नी, सीमा दास ने बताया कि उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि उनके पति पर इतनी हिंसक कार्रवाई क्यों हुई, क्योंकि उनका परिवार गांव में किसी से भी झगड़े में नहीं था.
सीमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि यह हमला बिल्कुल अचानक हुआ, जब उनका पति अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे. उन्होंने कहा कि क्या हम शांति से जी भी नहीं सकते… हम किसी के साथ किसी तरह का विवाद नहीं रखते. यह हमला अचानक और बिना किसी वजह के हुआ. हम हिंदू हैं और सिर्फ शांति से जीना चाहते हैं. हमलावर मुसलमान थे और पुलिस उनकी गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है. मैं सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाती हूं.
खोकोन दास अपने गांव में दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का काम करते थे. हमला बुधवार की रात हुआ, जब वह अपने घर लौट रहे थे. सीमा दास के मुताबिक, खोकोन ने हमलावरों में से दो को पहचाना. इसके बाद उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. जान बचाने के लिए उन्होंने पास के तालाब में छलांग लगा दी, जिससे आग बुझ गई. हमलावर घटना स्थल से फरार हो गए. स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया.
बगल के गांव वाले मदद के लिए पहुंचे
सीमा ने बताया कि दंपती के तीन बच्चे हैं और डॉक्टरों ने परिवार को सूचित किया कि खोकोन दास का काफी खून बह चुका है और उनकी जान बचाने के लिए कम से कम छह यूनिट खून की आवश्यकता है. हालांकि बांग्लादेश में सबकुछ हिंदुओं के खिलाफ हो, ऐसा भी नहीं है. बगल के गांव के कुछ मुस्लिम लोगों ने भी खोकन की मदद की. वे सभी अस्पताल पहुंचे और मदद का आश्वासन दिया. वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है.
मोहम्मद यूनुस सरकार के दौरान बढ़ रही हिंसा
हालांकि, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाओं में वृद्धि के आरोप लगते रहे हैं. पिछले सप्ताह, भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार बढ़ती दुश्मनी पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है. इसके जवाब में बांग्लादेश सरकार ने कहा कि वह अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है.
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