Bangladesh News: डॉ. यूनुस ने कहा एक तानाशाह जैसा था शेख हसीना का कार्यकाल, बांग्लादेश अब है एक स्वतंत्र देश

Published by : Kushal Singh Updated At : 06 Aug 2024 2:23 PM

विज्ञापन

प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट पर विस्तृत बात की है. एक साक्षात्कार में उन्होंने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और देश में फैली अशांति पर अपनी राय रखी है.

विज्ञापन

Bangladesh News: नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने एक साक्षात्कार में बांग्लादेश के विभिन्न मुद्दों पर बात की है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, देश में फैले व्यापक छात्र आंदोलन और अन्य विषयों पर अपनी राय रखी है. डॉ. मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश को एक “स्वतंत्र देश” बताया है.
डॉ. यूनुस ने एक साक्षात्कार में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री को तानाशाह बताते हुए कहा, “जब तक वह (शेख हसीना) वहां थीं, तब तक हम एक कब्जे वाले देश थे. वह एक कब्जे वाली सेना, एक तानाशाह, एक जनरल की तरह व्यवहार कर रही थीं, जो सब कुछ नियंत्रित कर रही थीं. आज बांग्लादेश के सभी लोग आज़ाद महसूस कर रहे हैं.”

Also Read: Bangladesh Protests: संकट में BAN vs PAK सीरीज, अधिकारी ने कहा- ‘हमारी क्रिकेट टीम कब…’

डॉ. यूनुस ने कहा युवा शक्ति हमारे भविष्य करेगी नेतृत्व

मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश के लोगों के बारे में कहा कि यह बांग्लादेश के लोगों के लिए दूसरी मुक्ति की तरह है और पूरे देश में जश्न का माहौल है. “वे मुक्ति और खुशी की भावना महसूस कर रहे हैं कि हम फिर से सब कुछ शुरू कर सकते हैं… हम 1971 में स्वतंत्र होने के बाद पहले दौर में ऐसा करना चाहते थे. हम इस समय मौजूद सभी समस्याओं के कारण चूक गए. अब हम एक नई शुरुआत करना चाहते हैं और अपने लिए एक सुंदर देश बनाना चाहते हैं. यही हमारी प्रतिबद्धता है और छात्र और युवा हमारे भविष्य का नेतृत्व करेंगे,”

बंगलादेश में फैली अशांति पर क्या बोले डॉ. यूनुस

देश भर में फैली अशांति पर डॉ. यूनुस ने कहा, “एक बहुत ही साधारण सी बात है, आपने उनका वोट देने का अधिकार छीन लिया। उनका सारा गुस्सा किसी भी राजनीतिक तरीके से बाहर नहीं आ सका था. तो यह कोटा परिवर्तन की एक साधारण मांग के रूप में सामने आया. इसने तुरंत तूल पकड़ लिया क्योंकि सरकार ने भी वैसा ही व्यवहार किया, उनकी बात सुनने के बजाय उन पर हमला किया क्योंकि वे बिल्कुल भी सुनने के मूड में नहीं हैं. देश में एक ही व्यक्ति सब कुछ तय कर रहा था. उसका शब्द ही कानून था.

Also Read: Bangladesh Protest: आंदोलन की वजह से बीते दो महीने में 300 की हो चुकी है मौत, 1000 करोड़ रुपये नुकसान

विज्ञापन
Kushal Singh

लेखक के बारे में

By Kushal Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola