मुंगेर की शादीपुर बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़, मां के जयकारों से गूंज रहा मंदिर परिसर
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 28 May 2026 11:15 AM
बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर
Jamalpur Bakrid Celebration : मुंगेर के जमालपुर में ईद-उल-अजहा का पर्व हर्ष, उल्लास और भाईचारे के माहौल में मनाया गया. केशवपुर ईदगाह और वलीपुर मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी.
Aaj Ka Darshan: बिहार के ऐतिहासिक शहर मुंगेर का शादीपुर स्थित बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां माथा टेकने आते हैं. मंदिर परिसर हर समय “जय माता दी” के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंजता रहता है.
मां के दरबार में अटूट है भक्तों की आस्था
शादीपुर की बड़ी दुर्गा महारानी को लेकर लोगों में गहरी श्रद्धा है. मुंगेर के अलावा खगड़िया, बेगूसराय, लखीसराय और जमुई जैसे जिलों से भी भक्त यहां पहुंचते हैं. कई श्रद्धालु वर्षों से नियमित रूप से मां के दरबार में पूजा-अर्चना करने आते हैं. लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मन्नत कभी अधूरी नहीं रहती.
सुबह की आरती से भक्तिमय हो उठता है माहौल
मंदिर में सुबह होने वाली आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होती है. ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच जब आरती शुरू होती है तो पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब जाता है. श्रद्धालु धूप, दीप और पुष्प अर्पित कर मां से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
नवरात्र में उमड़ता है आस्था का सैलाब
वैसे तो मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्र के दौरान यहां का दृश्य बेहद भव्य हो जाता है. हजारों की संख्या में भक्त मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती. प्रशासन को सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ती है.
संकटों से मुक्ति की मान्यता खींच रही भक्तों को
धार्मिक मान्यता है कि बड़ी दुर्गा महारानी के दरबार में आने वाले भक्तों के दुख और संकट दूर होते हैं. यही वजह है कि जीवन की परेशानियों से जूझ रहे लोग मां का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते हैं. भक्तों का कहना है कि मां के दरबार से उन्हें मानसिक शांति और नई ऊर्जा मिलती है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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